वाराणसी, 17 जुलाई। वाराणसी कमिश्नरेट के चौबेपुर थाने से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें एक वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी शिकायत लेकर आई महिला पर कई बार हाथ चलाती दिखाई दे रही है। लगभग 10 सेकंड का यह वीडियो थाना परिसर के भीतर प्रतीक्षालय जैसे स्थान पर रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। सामने कुर्सियों पर अन्य लोग बैठे नजर आते हैं और पास ही एक अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद दिखाई देता है।
वीडियो में क्या दिखाई देता है?
डिजिटल सबूत न्यूज़ के पास उपलब्ध 10.2 सेकंड के वीडियो की दृश्य समीक्षा में वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी और साधारण कपड़ों में मौजूद एक महिला आमने-सामने खड़ी दिखाई देती हैं। कुछ ही क्षणों में पुलिसकर्मी महिला के चेहरे और सिर की ओर बार-बार हाथ चलाती नजर आती है। महिला पीछे हटते हुए अपना बचाव करती दिखाई देती है। वीडियो में मौजूद दूसरा पुलिसकर्मी स्पष्ट रूप से हस्तक्षेप करता नजर नहीं आता।
हालांकि यह छोटा क्लिप घटना से पहले और बाद की पूरी परिस्थिति नहीं दिखाता। वीडियो से विवाद का कारण, शिकायत की प्रकृति, रिकॉर्डिंग की तारीख और संबंधित सभी व्यक्तियों की पहचान स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं होती। इसी कारण खबर में किसी महिला या पुलिसकर्मी का नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है।
SHO का पक्ष: जांच चल रही है
मामले पर चौबेपुर थाना प्रभारी से पक्ष लिया गया। उनका कहना है कि वायरल वीडियो की जांच चल रही है। वीडियो में दिखाई दे रही महिला पुलिसकर्मी/आरक्षी का नाम पूछे जाने पर थाना स्तर से नाम बताने से इनकार कर दिया गया। पुलिस की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि जांच किस अधिकारी को सौंपी गई है, उसकी समय-सीमा क्या है और प्रथम दृष्टया कोई विभागीय कदम उठाया गया है या नहीं।
उठते गंभीर सवाल
- शिकायत लेकर थाने पहुंची महिला पर बल प्रयोग की नौबत क्यों आई?
- क्या घटना के समय मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया?
- थाने के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित किया गया है या नहीं?
- महिला की शिकायत दर्ज हुई और उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया या नहीं?
- जांच पूरी होने तक वीडियो में दिख रही पुलिसकर्मी को जनसंपर्क वाले दायित्व से हटाया गया या नहीं?
थाना नागरिकों के लिए शिकायत और सुरक्षा का पहला संस्थागत दरवाजा होता है। ऐसे परिसर में शिकायतकर्ता के साथ कथित मारपीट का दृश्य पुलिस की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और शिकायत निस्तारण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। निष्पक्ष जांच के लिए मूल वीडियो, थाना सीसीटीवी, ड्यूटी रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर और उपस्थित पुलिसकर्मियों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सुरक्षित करना आवश्यक होगा।
संपादकीय नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध वीडियो की दृश्य समीक्षा, सार्वजनिक रूप से प्रसारित दावों और थाना प्रभारी से प्राप्त संक्षिप्त पक्ष पर आधारित है। वीडियो की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच और घटना की पूरी पृष्ठभूमि अभी प्रतीक्षित है। पुलिस का विस्तृत लिखित बयान या जांच निष्कर्ष मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।
