नई दिल्ली/ढाका, 20 अक्टूबर 2026। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक बार फिर कहा है कि वह दिसंबर 2026 में अपने देश लौटने का इरादा रखती हैं। सोमवार, 19 अक्टूबर को वॉशिंगटन में सेंटर फॉर यूएस-बांग्लादेश रिलेशंस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। कार्यक्रम के बारे में उपलब्ध सार्वजनिक विवरण के अनुसार, हसीना ने कहा कि उन्हें गिरफ्तारी, प्रताड़ना या जान का खतरा होने की आशंका है, लेकिन वह वापसी के फैसले पर कायम हैं।
दिसंबर में वापसी की बात दोहराई
19 अक्टूबर के वर्चुअल संबोधन के संबंध में उपलब्ध विवरण के मुताबिक, हसीना ने कहा कि देश लौटना उनकी जिम्मेदारी है और संभावित कार्रवाई के डर से वह अपना फैसला नहीं बदलेंगी। यह दिसंबर में वापसी की पहली घोषणा नहीं है। वह जुलाई और अगस्त 2026 में भी स्वदेश लौटने की योजना सार्वजनिक कर चुकी हैं।
हालाँकि, उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख या यात्रा की आधिकारिक व्यवस्था सामने नहीं आई है। केवल उनकी घोषणा के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि वापसी की अनुमति मिल गई है या यात्रा तय हो चुकी है।
बांग्लादेश में मौत की सजा, भारत से प्रत्यर्पण की माँग
शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटने पर भारत आ गई थीं। नवंबर 2025 में बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने 2024 के विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई से जुड़े मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामले में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। हसीना आरोपों और फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज करती रही हैं।
बांग्लादेश सरकार भारत से उनके प्रत्यर्पण की माँग कर रही है। 16 अक्टूबर को सामने आई जानकारी में राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया गया कि ढाका आगामी भारत-बांग्लादेश कांसुलर वार्ता में उनका प्रत्यर्पण फिर उठाने की तैयारी कर रहा है। इस संभावित वार्ता की तारीख और उसके नतीजों के बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
प्रत्यर्पण पर भारत का क्या रुख है?
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7 अक्टूबर को कहा था कि हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है। भारत ने बांग्लादेश के साथ सकारात्मक और रचनात्मक संबंध बनाए रखने की अपनी नीति भी दोहराई थी। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध इन बयानों में प्रत्यर्पण की कोई तय समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
आगे किन बातों पर नजर रहेगी?
अगला महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या शेख हसीना दिसंबर में वास्तव में बांग्लादेश पहुँचेंगी, भारत और बांग्लादेश की सरकारें प्रत्यर्पण को लेकर क्या औपचारिक कदम उठाएँगी, और उनके विरुद्ध मौजूद न्यायिक आदेशों के मद्देनजर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल दिसंबर में लौटने की बात हसीना का घोषित इरादा है, पूरी हो चुकी घटना नहीं।
संपादकीय स्पष्टता: 19 अक्टूबर के वर्चुअल कार्यक्रम की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग का डिजिटल सबूत न्यूज़ स्वतंत्र सत्यापन नहीं कर सका है। बयान संबंधी जानकारी उपलब्ध सार्वजनिक विवरण पर आधारित है। हसीना का दिसंबर में लौटने का कथन उनकी घोषित योजना है, वापसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं।
तस्वीर: Russell Watkin / DFID · CC BY 2.0 (क्रॉप की गई)।



