अलीगढ़/बिजौली। ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर का मामला अब केवल कुछ संदिग्ध भुगतान प्रविष्टियों का नहीं रह गया है। उपलब्ध PDF, Meri Panchayat के बैंक-लेजर स्क्रीनशॉट और eGramSwaraj की स्क्रीन रिकॉर्डिंग एक साथ रखकर देखने पर तीन बड़े सवाल सामने आते हैं—पैसा किस काम के लिए निकला, भुगतान की प्रक्रिया किसने मंजूर की और जो विस्तृत रिकॉर्ड 11 जुलाई 2026 को पोर्टल से निकाले गए थे, वे अब सार्वजनिक दृश्य में क्यों नहीं मिल रहे?
25 जून 2026 को पांच Letter/Advice वाउचरों से दो पंचायत बैंक खातों में कुल ₹6,81,000 का वास्तविक डेबिट दिखाई देता है। संबंधित 10 eGramSwaraj वाउचरों में भुगतान प्राप्तकर्ता के रूप में AADIHYA ASSOCIATES दर्ज है। वाउचरों के Particulars में कार्य का स्पष्ट विवरण देने के बजाय “okkk”, “okkkk” और “okkkkk” जैसे शब्द लिखे हैं। कई जगह 2026-27 के भुगतान में 2021-22 की गतिविधियां दिखाई देती हैं, जबकि Letter/Advice की तारीखें Voucher Date से लगभग तीन सप्ताह पहले की हैं।
क्या यह घोटाला सिद्ध हो चुका है?
नहीं—अभी अंतिम रूप से नहीं। लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड इतने गंभीर विरोधाभास और जवाबदेही के प्रश्न खड़े करते हैं कि स्वतंत्र डिजिटल, वित्तीय और भौतिक जांच टाली नहीं जा सकती। घोटाला सिद्ध या खारिज करने के लिए audit log, PFMS/FTO, UTR, प्रमाणित बैंक स्टेटमेंट, GST invoice, कार्यादेश, माप पुस्तिका, मस्टर रोल और मौके का सत्यापन आवश्यक है।
तीन तारीखें और रिकॉर्ड की अखंडता पर बड़ा सवाल
| तारीख | रिकॉर्ड में घटना | उठता सवाल |
|---|---|---|
| 25 जून 2026 | 10 वाउचरों की Voucher Date; पांच वास्तविक बैंक डेबिट | भुगतान किस कार्य, बिल और स्वीकृति पर हुआ? |
| 11 जुलाई 2026 | eGramSwaraj से 10 Payment Voucher Detail रिपोर्ट जनरेट | रिपोर्ट उस समय उपलब्ध थी तो अब सार्वजनिक दृश्य में क्यों नहीं? |
| 12 जुलाई 2026 | इन्हीं रिकॉर्ड पर विस्तृत RTI आवेदन | क्या शिकायत के बाद रिकॉर्ड edit, reverse, archive या hide हुआ? |
शिकायतकर्ता का दावा है कि 11 जुलाई को पोर्टल से निकाले गए विस्तृत वाउचर अब पहले की तरह उपलब्ध नहीं हैं। यह दावा तकनीकी जांच से पुष्ट होना बाकी है। मगर यदि रिकॉर्ड वास्तव में बदला, रिवर्स, कैंसिल, आर्काइव या सार्वजनिक दृश्य से हटाया गया है, तो उसका डिजिटल निशान audit log, version history, database change history, user ID और approval trail में होना चाहिए।
10 वाउचर, एक लाभार्थी और पांच समान-राशि वाले जोड़े
PDF के पृष्ठ 4 से 13 तक 5THSFC और XVFC के 10 वाउचर हैं। हर राशि के लिए एक Deduction और एक Letter/Advice वाउचर दिखाई देता है। सभी में भुगतान प्राप्तकर्ता AADIHYA ASSOCIATES दर्ज है।
| योजना | Deduction | Letter/Advice | राशि | प्राप्तकर्ता |
|---|---|---|---|---|
| 5THSFC | P/11 | P/12 | ₹1,00,000 | AADIHYA ASSOCIATES |
| 5THSFC | P/13 | P/14 | ₹87,000 | AADIHYA ASSOCIATES |
| XVFC | P/36 | P/37 | ₹64,000 | AADIHYA ASSOCIATES |
| XVFC | P/38 | P/39 | ₹2,00,000 | AADIHYA ASSOCIATES |
| XVFC | P/40 | P/41 | ₹2,30,000 | AADIHYA ASSOCIATES |
| Letter/Advice पक्ष का बैंक भुगतान योग | ₹6,81,000 | |||
| सभी 10 वाउचरों की अंकित राशि | ₹13,62,000 | |||
₹13.62 लाख की अंकित प्रविष्टियां, लेकिन वास्तविक डेबिट ₹6.81 लाख
सभी 10 वाउचरों की रकम जोड़ने पर ₹13.62 लाख बनती है, लेकिन पांचों राशियां Deduction और Letter/Advice में दोहराई गई हैं। उपलब्ध बैंक-लेजर में Letter/Advice वाले P/12, P/14, P/37, P/39 और P/41 ही वास्तविक डेबिट के रूप में दिखाई देते हैं। इसलिए वर्तमान रिकॉर्ड के आधार पर वास्तविक बैंक निकासी ₹6.81 लाख है—₹13.62 लाख नहीं।
फिर भी Deduction प्रविष्टियों का अर्थ स्पष्ट होना जरूरी है। क्या वे GST-TDS, आयकर TDS, श्रम उपकर या किसी अन्य कटौती का रिकॉर्ड थीं? यदि हां, तो कटौती चालान, सरकारी खाते में जमा राशि, कर शीर्ष और reconciliation कहां है? यदि वे केवल accounting mirror entries थीं, तो संबंधित नियम और ledger treatment सार्वजनिक होना चाहिए।
25 जून का वास्तविक बैंक डेबिट
| बैंक/शाखा | वाउचर | डेबिट | लेनदेन के बाद शेष |
|---|---|---|---|
| SBI Bijauli Aligarh | 5THSFC/2026-27/P/14 | ₹87,000 | ₹76,208 |
| SBI Bijauli Aligarh | 5THSFC/2026-27/P/12 | ₹1,00,000 | ₹1,63,208 |
| Canara Bank Bijauli | XVFC/2026-27/P/41 | ₹2,30,000 | ₹7,552 |
| Canara Bank Bijauli | XVFC/2026-27/P/39 | ₹2,00,000 | ₹2,37,552 |
| Canara Bank Bijauli | XVFC/2026-27/P/37 | ₹64,000 | ₹4,37,552 |
| कुल | ₹6,81,000 | ||
बैंक status बदला, लेकिन पूरा adjustment trail कहां है?
अलग Meri Panchayat status cards में SBI खाते का प्रदर्शित balance ₹2,63,208 और Canara Bank खाते का ₹5,01,552 दिखता है। ये अलग-अलग समय के snapshots हैं और अपने-आप यह सिद्ध नहीं करते कि कोई खास रकम बिना entry वापस आई। लेकिन वे यह प्रश्न जरूर खड़ा करते हैं कि हर debit, credit, reversal, failed payment, refund और adjustment को जोड़ने वाला प्रमाणित chronological ledger सार्वजनिक क्यों नहीं है।
केवल बदलता balance पर्याप्त जवाब नहीं है। दोनों बैंक शाखाओं, PFMS और पंचायत प्रशासन को बताना होगा कि प्रत्येक राशि का opening balance, transaction reference, UTR, FTO status, reversal reference, reprocessing trail और closing balance क्या था।
Particulars में ‘okkk’—भुगतान किस काम का था?
सरकारी भुगतान वाउचर में Particulars का उद्देश्य कार्य, सामग्री, मजदूरी, बिल या सेवा की पहचान कराना होता है। यहां स्पष्ट कार्य विवरण के स्थान पर “okkk/okkkkk” जैसे शब्द दिखाई देते हैं। इससे भुगतान का सार्वजनिक उद्देश्य समझ नहीं आता।
जिस यूजर ने यह विवरण दर्ज किया, जिस Checker ने सत्यापित किया और जिस Approver/DSC धारक ने भुगतान मंजूर किया—तीनों की भूमिका audit trail से सामने आनी चाहिए। यदि यह केवल data-entry error था, तो correction note और संशोधित version कहां है?
वाउचर 25 जून के, Letter/Advice 2 से 4 जून के
पांच Letter/Advice पृष्ठों पर तारीखें 2, 3 और 4 जून 2026 दर्ज हैं, जबकि सभी वाउचरों की तारीख 25 जून 2026 है। भुगतान सलाह वाउचर से लगभग तीन सप्ताह पहले कैसे बनी? यह migration, back-end workflow या data-entry error हो सकता है, लेकिन प्रमाणित log के बिना इसे सामान्य नहीं माना जा सकता।
2026-27 के भुगतान में 2021-22 की गतिविधियां
कई वाउचरों में गतिविधि विवरण के साथ 2021-22 दिखाई देता है, जबकि भुगतान वित्तीय वर्ष 2026-27 का है। यदि यह carry-forward liability या पुराने अधूरे कार्य का वैध भुगतान था, तो revalidation order, लंबित देयता, तकनीकी सत्यापन, कार्य की वर्तमान स्थिति और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति उपलब्ध होनी चाहिए।
Wages/Suspense शीर्ष से फर्म को भुगतान—मजदूरी, सामग्री या ठेका?
वाउचरों में Wages/Suspense से जुड़ा account head दिखाई देता है, जबकि प्राप्तकर्ता एक फर्म है। इससे अपने-आप अनियमितता सिद्ध नहीं होती, लेकिन भुगतान की प्रकृति साफ होनी चाहिए। यदि मजदूरी थी तो मस्टर रोल, श्रमिकों के बैंक भुगतान और उपस्थिति चाहिए। यदि सामग्री या ठेका सेवा थी तो GST invoice, quotation/tender, work order, stock register और measurement book सामने आने चाहिए।
कौन जिम्मेदार और कौन जवाबदेह?
जिम्मेदारी केवल किसी एक व्यक्ति पर स्वतः तय नहीं की जा सकती। भुगतान और डिजिटल रिकॉर्ड की पूरी श्रृंखला की जांच आवश्यक है:
| स्तर | जवाबदेही का प्रश्न | मांगा जाने वाला रिकॉर्ड |
|---|---|---|
| Voucher Maker/Data Entry | ‘okkk’ किसने लिखा, activity और तारीख किसने चुनी? | User ID, login time, IP/device log, draft history |
| Checker/Verifier | अस्पष्ट विवरण और पुराने activity code को किस आधार पर स्वीकार किया? | Verification log, objection note, approval timestamp |
| Approver/DSC धारक | अंतिम भुगतान किस अधिकारी के डिजिटल अनुमोदन से हुआ? | DSC serial, certificate holder, signing time, FTO |
| तकनीकी/कार्य सत्यापन | काम वास्तव में हुआ या नहीं, मात्रा और गुणवत्ता किसने सत्यापित की? | Estimate, MB, site report, geo-tag photos, completion certificate |
| ग्राम पंचायत प्रशासन | प्रस्ताव, स्वीकृति, बिल और भुगतान फाइल कहां है? | कार्यवाही पुस्तिका, cashbook, voucher file, stock/muster records |
| BDO/ADO पंचायत/DPRO | शिकायत के बाद रिकॉर्ड और भुगतान सुरक्षित करने के लिए क्या कार्रवाई हुई? | जांच आदेश, नोटशीट, निरीक्षण रिपोर्ट, preservation direction |
| NIC/eGramSwaraj/PFMS | रिकॉर्ड क्यों नहीं दिख रहा और क्या बदलाव हुआ? | Audit log, version history, database trail, FTO/UTR status |
| संबंधित बैंक | राशि कब डेबिट, सेटल, रिवर्स या एडजस्ट हुई? | Certified statement, UTR, return/reversal memo, reconciliation |
| AADIHYA ASSOCIATES | कौन-सा काम किया, कितनी आपूर्ति हुई और भुगतान किस बिल पर मिला? | GSTIN, invoices, work order, delivery proof, bank receipt, tax records |
क्या पूरा खेल पैसे का है?
मामले का केंद्र सार्वजनिक धन का प्रवाह जरूर है, लेकिन केवल बैंक डेबिट देखकर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। असली परीक्षण तीन स्तरों पर होगा:
- Money Trail: पैसा किस खाते से किस खाते में, किस UTR और किस FTO से गया?
- Document Trail: भुगतान के पीछे प्रस्ताव, स्वीकृति, बिल, GST invoice, मस्टर रोल और MB हैं या नहीं?
- Work Trail: जमीन पर वही काम, उसी मात्रा और गुणवत्ता में हुआ या नहीं?
यदि तीनों trail आपस में मेल खाते हैं तो आरोप खारिज हो सकते हैं। यदि पैसा निकला लेकिन बिल, कार्य या डिजिटल trail नहीं मिला, या रिकॉर्ड बाद में बदला गया, तो मामला गंभीर वित्तीय अनियमितता और संभावित आपराधिक जवाबदेही तक पहुंच सकता है।
अब क्या होना चाहिए?
- eGramSwaraj, PFMS और NIC server logs पर तत्काल record-preservation order;
- दोनों पंचायत बैंक खातों की 1 मई 2026 से वर्तमान तक प्रमाणित chronological statements;
- ₹6.81 लाख के पांच भुगतानों की voucher–FTO–UTR–beneficiary mapping;
- Deduction और Letter/Advice वाउचरों का प्रमाणित reconciliation;
- फर्म के GST, invoice, tender/quotation, work order और भुगतान रिकॉर्ड की जांच;
- सभी संबंधित कार्यों का स्वतंत्र तकनीकी और भौतिक सत्यापन;
- Maker–Checker–Approver और DSC उपयोग का डिजिटल फॉरेंसिक परीक्षण;
- जांच पूरी होने तक संबंधित मूल फाइल, लॉग और इलेक्ट्रॉनिक बैकअप सुरक्षित करना।
मामला उच्च न्यायालय पहुंचने का दावा
सूत्रों और शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार प्रकरण को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में वाद/याचिका दायर की गई है। अभी केस नंबर, दाखिले की तारीख, संबंधित पीठ और आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस हिस्से को पक्षकार के दावे के रूप में दर्ज किया जा रहा है; दस्तावेज मिलने पर सत्यापित विवरण जोड़ा जाएगा।
जवाब देना ही होगा
डिजिटल सबूत न्यूज़ BDO बिजौली, ADO पंचायत, DPRO अलीगढ़, NIC/eGramSwaraj नोडल अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रशासन, संबंधित SBI और Canara Bank शाखाओं तथा AADIHYA ASSOCIATES से दस्तावेजी जवाब चाहता है। सवाल केवल यह नहीं कि पैसा निकला या वापस आया। सवाल यह है कि किस काम के लिए, किसके आदेश से, किसके डिजिटल अनुमोदन पर, किस लाभार्थी को और किस सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर भुगतान हुआ?
संपादकीय नोट: उपलब्ध दस्तावेज गंभीर red flags दिखाते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं करते। रिकॉर्ड गायब होने, भ्रष्टाचार, फर्जी कार्य या संरक्षण का अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच, प्रमाणित audit trail, बैंक/PFMS रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन के बाद ही निकाला जा सकता है। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे प्रमुखता और पर्याप्त स्थान के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

