औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद से जुड़े एक वीडियो में डॉक्टर बताए जा रहे डॉ. सौरभ बाजपेई ने कुछ व्यक्तियों पर मारपीट और स्थानीय पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में वह यमुना नदी में कथित रूप से छलांग लगाने की बात कहते दिखाई देते हैं। घटना, वीडियो के समय और उसके बाद डॉक्टर की स्थिति से संबंधित सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।
वीडियो में क्या आरोप लगाए गए?
वीडियो में डॉ. सौरभ बाजपेई स्वयं को एक निजी अस्पताल से जुड़ा बताते हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन से जुड़े एक व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट की और गला दबाने का प्रयास किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि थाने में शिकायत देने के बाद विधिक कार्रवाई के स्थान पर समझौते का दबाव बनाया गया।
ये आरोप वीडियो में संबंधित व्यक्ति द्वारा किए गए दावे हैं। डिजिटल साबूत न्यूज़ ने अभी शिकायत की प्रति, मेडिकल परीक्षण, FIR/GD प्रविष्टि या पुलिस जांच का आधिकारिक रिकॉर्ड स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया है। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य अथवा किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि न माना जाए।
कथित छलांग और खोजबीन
उपलब्ध वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि डॉक्टर ने अपनी बात रिकॉर्ड करने के बाद यमुना नदी में छलांग लगा दी। पूर्व प्रकाशित जानकारी के अनुसार घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा मौके पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की गई। हालांकि खोज अभियान की वर्तमान स्थिति, डॉक्टर के मिलने अथवा न मिलने और घटनास्थल की सटीक पहचान की पुष्टि करने वाला नवीन आधिकारिक वक्तव्य अभी इस रिपोर्ट के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है।
पुलिस से किन रिकॉर्डों पर जवाब अपेक्षित है?
- डॉक्टर अथवा उनके परिजनों से कोई लिखित शिकायत कब प्राप्त हुई?
- शिकायत पर FIR, NCR, GD entry या preliminary inquiry दर्ज हुई या नहीं?
- समझौते का दबाव डालने के आरोप पर आंतरिक जांच शुरू की गई या नहीं?
- वीडियो और कथित नदी-घटना का समय तथा स्थान किस रिकॉर्ड से पुष्ट हुआ?
- Search and rescue operation की स्थिति और आधिकारिक परिणाम क्या है?
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष भी आवश्यक
वीडियो में लगाए गए मारपीट और उत्पीड़न के आरोपों पर संबंधित अस्पताल प्रबंधन तथा आरोपित व्यक्तियों का जवाब इस रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। उनका औपचारिक पक्ष मिलने पर उसे प्रमुखता और उचित संदर्भ के साथ जोड़ा जाएगा।
जांच से पहले निष्कर्ष नहीं
किसी सोशल मीडिया वीडियो में लगाए गए आरोप गंभीर हो सकते हैं, लेकिन वीडियो अकेले पूरे घटनाक्रम, आपराधिक उत्तरदायित्व या पुलिस की कथित निष्क्रियता को अंतिम रूप से सिद्ध नहीं करता। शिकायत रिकॉर्ड, CCTV, कॉल विवरण, मेडिकल साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों और सक्षम जांच एजेंसी के निष्कर्ष के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकती है।
डिजिटल साबूत न्यूज़ औरैया पुलिस, संबंधित थाना, अस्पताल प्रबंधन और परिजनों से सत्यापित तथा रिकॉर्ड-आधारित जानकारी आमंत्रित करता है। प्राप्त उत्तर के आधार पर रिपोर्ट अपडेट की जाएगी।
संपादकीय सहायता: यदि आप या आपका कोई परिचित आत्महत्या अथवा स्वयं को नुकसान पहुंचाने के विचारों से जूझ रहा है, तो तत्काल स्थानीय आपात सेवा, नजदीकी अस्पताल या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से संपर्क करें। संवेदनशील स्थिति में व्यक्ति को अकेला न छोड़ें।
