औरैया, 16 जुलाई 2026। थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र के अंतर्गत यमुना नदी में कूदने की सूचना के बाद चलाए गए खोज अभियान में डॉ. सौरभ बाजपेयी का शव बरामद कर लिया गया। औरैया पुलिस द्वारा जारी पुलिस अधीक्षक की आधिकारिक वीडियो बाइट के अनुसार, मृतक के परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अस्पताल संचालक सहित आरोपियों के विरुद्ध गिरफ्तारी और आगे की विधिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा कि घटना से पहले डॉ. सौरभ बाजपेयी द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में अस्पताल से जुड़े व्यक्तियों और स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
15 जुलाई को मिली थी यमुना नदी में कूदने की सूचना
पुलिस अधीक्षक औरैया की बाइट के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र के अंतर्गत एक व्यक्ति के यमुना नदी में कूदने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, गोताखोरों और संबंधित बचाव टीमों को मौके पर लगाया गया तथा नदी में खोज अभियान शुरू कराया गया।
16 जुलाई की सुबह डॉ. सौरभ बाजपेयी का शव बरामद
पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, 16 जुलाई की सुबह संबंधित व्यक्ति का शव यमुना नदी से बरामद कर लिया गया। मृतक की पहचान डॉ. सौरभ बाजपेयी के रूप में हुई, जो औरैया के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थे। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराए जाने की जानकारी दी है।
घटना से पहले जारी किए गए थे सोशल मीडिया वीडियो
पुलिस अधीक्षक की बाइट में बताया गया कि घटना से पहले डॉ. सौरभ बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो प्रसारित किए थे। इन वीडियो में उन्होंने अस्पताल से जुड़े व्यक्तियों पर उनके साथ मारपीट किए जाने और पुलिस द्वारा शिकायत पर कार्रवाई न किए जाने के आरोप लगाए थे।
मृतक द्वारा वीडियो में लगाए गए ये आरोप मामले की जांच का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर किसी व्यक्ति या संस्था की अंतिम जिम्मेदारी जांच और सक्षम न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निर्धारित होगी।
परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, डॉ. सौरभ बाजपेयी के परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में अस्पताल संचालक सहित आरोपियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की आधिकारिक बाइट में मुकदमे की धाराओं, नामजद आरोपियों की पूरी संख्या और गिरफ्तारी संबंधी विस्तृत दस्तावेज सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए। ये विवरण FIR, गिरफ्तारी मेमो और विवेचना रिकॉर्ड से स्पष्ट होंगे।
पुलिस की भूमिका पर लगाए गए आरोपों की भी जांच
डॉ. सौरभ बाजपेयी द्वारा घटना से पहले जारी वीडियो में स्थानीय पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस अधीक्षक ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि मृतक द्वारा पुलिस के संबंध में लगाए गए आरोपों की भी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की आधिकारिक बाइट में कही गई मुख्य बातें
- 15 जुलाई 2026 को यमुना नदी में एक व्यक्ति के कूदने की सूचना प्राप्त हुई।
- स्थानीय पुलिस, गोताखोरों और संबंधित बचाव टीमों ने खोज अभियान चलाया।
- 16 जुलाई की सुबह डॉ. सौरभ बाजपेयी का शव यमुना नदी से बरामद हुआ।
- शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जा रही है।
- घटना से पहले मृतक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अस्पताल से जुड़े लोगों और पुलिस पर आरोप लगाए थे।
- परिजनों की तहरीर पर संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
- अस्पताल संचालक सहित आरोपियों के विरुद्ध गिरफ्तारी और विधिक कार्रवाई की गई।
- पुलिस पर लगाए गए आरोपों की जांच कर तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच में किन तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी
पुलिस की बाइट से घटना की समयरेखा, शव बरामदगी, मुकदमा दर्ज किए जाने और गिरफ्तारी की कार्रवाई का आधिकारिक पक्ष सामने आया है। हालांकि FIR की धाराएं, नामजद व्यक्तियों का विवरण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कथित मारपीट से संबंधित रिकॉर्ड और पुलिस की भूमिका पर चल रही जांच का परिणाम अभी सामने आना बाकी है।
अस्पताल प्रबंधन और मुकदमे में नामित पक्ष का विस्तृत जवाब भी उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर रिपोर्ट में प्रमुखता से जोड़ा जाएगा।
आधिकारिक स्रोत: औरैया पुलिस के सत्यापित X हैंडल @auraiyapolice पर 16 जुलाई 2026 को जारी पुलिस अधीक्षक औरैया की वीडियो बाइट।
संपादकीय नोट: इस रिपोर्ट में पुलिस की आधिकारिक बाइट में दी गई जानकारी को पुलिस के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। मृतक द्वारा लगाए गए आरोपों और मुकदमे में नामित पक्षों की अंतिम जिम्मेदारी जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।
