डिजिटल सबूत न्यूज़ | नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से जुड़ी एक खबर गलत पाए जाने के बाद ABP न्यूज़ ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है। 17 अक्टूबर की रात अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट से जारी स्पष्टीकरण में समाचार संस्थान ने कहा कि उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित नेहा सिंह राठौर से संबंधित खबर तथ्यों के आधार पर गलत पाई गई।
ABP न्यूज़ ने क्या कहा?
ABP न्यूज़ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में स्वीकार किया कि नेहा सिंह राठौर से जुड़ा उसका डिजिटल समाचार प्रसारण तथ्यात्मक रूप से गलत था। संस्थान ने त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए खेद जताते हुए क्षमा मांगी। यह स्पष्टीकरण 17 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया।
किस खबर पर हुआ विवाद?
समाचार4मीडिया और अन्य मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक ऐसी डिजिटल खबर से हुई जिसे नेहा सिंह राठौर ने अपने नाम और चरित्र से जोड़कर भ्रामक तथा अपमानजनक बताया। रिपोर्ट में हॉस्टल और कथित यौन अपराध से संबंधित संदर्भ को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। महत्वपूर्ण बात यह है कि संबंधित सामग्री को ABP नेटवर्क स्वयं तथ्यात्मक रूप से गलत बता चुका है; इसमें लगाए गए किसी भी आरोप को स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
नेहा सिंह राठौर की प्रतिक्रिया
नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया पर संबंधित खबर की आलोचना की और कहा कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग का ध्यान भी इस मामले की ओर आकर्षित करने की कोशिश की। न्यूज़ट्रैक की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने माफी पर असंतोष जताया और कानूनी रास्ता अपनाने का संकेत दिया। किसी न्यायिक कार्रवाई के दायर होने अथवा उसके परिणाम की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए नहीं हुई है।
डिजिटल पत्रकारिता में तथ्य-जांच का सवाल
यह घटनाक्रम व्यक्ति की पहचान, छवि और प्रतिष्ठा से जुड़े समाचार प्रकाशित करते समय स्रोतों की पुष्टि, संदर्भ की जांच और प्रकाशन से पहले संपादकीय समीक्षा की अहमियत को सामने लाता है। किसी मीडिया संस्थान की सार्वजनिक माफी एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम है; साथ ही, गलत सूचना किस तरह प्रकाशित हुई और उसे कैसे सुधारा गया, इसका पारदर्शी आकलन भी पाठकों के भरोसे के लिए जरूरी है।
स्रोत: ABP News का आधिकारिक एक्स स्पष्टीकरण (17 अक्टूबर 2026); समाचार4मीडिया की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट; न्यूज़ट्रैक की 17 अक्टूबर की रिपोर्ट।

