डिजिटल सबूत न्यूज़ | इंटरनेशनल डेस्क
काठमांडू/नई दिल्ली: नेपाल में 26 अगस्त 2026 को भोटे कोशी नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत और नेपाल ने प्रभावित लोगों, लापता यात्रियों और उनके परिजनों के लिए कई आपातकालीन हेल्पलाइन सक्रिय की हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए तीन नंबर जारी किए हैं, जिन पर WhatsApp के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जबकि नेपाल के विदेश मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों से जुड़े मामलों के लिए अलग Emergency Control Room (ECR) बनाया है।
सबसे जरूरी: काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों, लापता यात्रियों या उनके परिवारों को काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने इन नंबरों पर संपर्क करने को कहा है:
- +977 985 131 6807
- +977 970 910 7500
- +977 981 032 6117
महत्वपूर्ण: भारतीय दूतावास के अनुसार ये तीनों इमरजेंसी नंबर WhatsApp पर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
29 अगस्त को दूतावास ने बाढ़ पीड़ितों के मृत अवशेषों की पहचान और भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों के लिए एक ईमेल भी जारी किया:
Email: eoikathmandufloodsupport@gmail.com
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय का 24×7 कंट्रोल रूम
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने नेपाल बाढ़ के मद्देनजर चौबीस घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम शुरू किया है। सहायता या जानकारी के लिए इन संपर्कों का उपयोग किया जा सकता है:
- फोन: +91 11 2308 8718
- फोन: +91 11 2308 8719
- WhatsApp कॉल/मैसेज: +91 9968291988
- Email: situationroom@mea.gov.in
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास नेपाल की एजेंसियों के साथ बचाव, लापता भारतीयों की पहचान और सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय कर रहे हैं।
नेपाल सरकार का Emergency Control Room: विदेशी नागरिकों के लिए
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने रासुवा और भोटे कोशी फ्लैश फ्लड से प्रभावित या लापता विदेशी नागरिकों के बारे में सूचना जुटाने और कांसुलर सहायता के लिए Emergency Control Room स्थापित किया है।
- Emergency Hotline/WhatsApp: +977 9744441227
- Emergency Hotline/WhatsApp: +977 9744441228
- समय: सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक (नेपाल समय)
- Email: emergency@mofa.gov.np
नेपाल सरकार ने परिवारों, दूतावासों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और आम लोगों से कहा है कि किसी विदेशी नागरिक के लापता होने या उसके बारे में सूचना मिलने पर इन आधिकारिक चैनलों पर जानकारी दें। साथ ही अपुष्ट सूचनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने की अपील की गई है।
नेपाल विदेश मंत्रालय के सामान्य सूचना संपर्क
26 अगस्त की शुरुआती आधिकारिक सूचना में नेपाल के विदेश मंत्रालय ने आगे की जानकारी और पूछताछ के लिए अपने Information Officer के संपर्क भी जारी किए थे:
- +977-1-4200480
- +977-9851354565
- Email: info@mofa.gov.np
परिजन हेल्पलाइन पर क्या जानकारी दें?
किसी व्यक्ति के लापता या संपर्क से बाहर होने की सूचना देते समय केवल नाम बताना पर्याप्त नहीं हो सकता। परिजन उपलब्ध होने पर यह विवरण तैयार रखें:
- पूरा नाम और उम्र
- पासपोर्ट नंबर या अन्य पहचान विवरण
- मोबाइल नंबर और WhatsApp नंबर
- नेपाल में अंतिम ज्ञात स्थान
- होटल, टूर ऑपरेटर या यात्रा समूह का नाम
- कैलाश-मानसरोवर या अन्य यात्रा का रूट
- अंतिम बार कब और किससे संपर्क हुआ
- हाल की स्पष्ट फोटो
एक ही व्यक्ति के बारे में अलग-अलग नंबरों से बार-बार विरोधाभासी सूचना भेजने के बजाय परिवार का एक मुख्य संपर्क व्यक्ति तय करना बेहतर है। इससे बचाव एजेंसियों और दूतावास को जानकारी मिलान करने में आसानी हो सकती है।
30 अगस्त तक आधिकारिक स्थिति क्या थी?
नेपाल के विदेश मंत्रालय की 30 अगस्त 2026 की आधिकारिक ब्रीफिंग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों से उस समय तक 734 शव बरामद किए जा चुके थे और लगभग 2,498 लोग अब भी लापता/संपर्क से बाहर बताए गए थे। सरकार ने बताया कि 8,186 से अधिक लोगों को बचाया गया, जिनमें 261 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल थे, जबकि 400 से अधिक विदेशी नागरिक उस समय भी लापता बताए जा रहे थे।
नेपाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि खोज, बचाव और पहचान अभियान जारी रहने के कारण ये आंकड़े लगातार बदल सकते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति की स्थिति या कुल हताहतों की संख्या के लिए आधिकारिक अपडेट को ही अंतिम माना जाना चाहिए।
रासुवा से नुवाकोट, धादिंग और चितवन तक राहत अभियान
नेपाल सरकार के अनुसार रासुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन सहित प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन, चिकित्सा टीमें और आपदा प्रबंधन एजेंसियां बचाव कार्य में जुटी हैं। 30 अगस्त की ब्रीफिंग में करीब 19,000 सुरक्षा कर्मियों और 16 हेलीकॉप्टर के तैनात होने की जानकारी दी गई थी। भारत, चीन और दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञ दल भी विशेष रूप से सुरंगों में फंसे लोगों के बचाव में सहयोग कर रहे हैं।
भारतीयों के लिए प्राथमिकता किस नंबर को दें?
नेपाल में फंसे या प्रभावित भारतीय नागरिकों के लिए पहला संपर्क भारतीय दूतावास, काठमांडू के तीन आपातकालीन नंबर होने चाहिए। यदि संपर्क न हो पाए या भारत में बैठे परिजनों को केंद्रीय स्तर पर सहायता चाहिए, तो MEA 24×7 Control Room से संपर्क किया जा सकता है। विदेशी नागरिक से संबंधित किसी व्यापक खोज/सूचना के लिए नेपाल विदेश मंत्रालय का Emergency Control Room भी उपलब्ध है।
अफवाहों से बचें, आधिकारिक नंबर ही शेयर करें
आपदा के दौरान सोशल मीडिया पर पुराने या गलत हेल्पलाइन नंबर तेजी से फैल सकते हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने खास तौर पर अपुष्ट सूचनाओं से बचने और आधिकारिक चैनलों पर निर्भर रहने की अपील की है। इसलिए किसी नंबर या लापता व्यक्ति की जानकारी साझा करने से पहले उसका स्रोत जांचना जरूरी है।
Digital Saboot News अपील: यदि आपका कोई परिचित नेपाल के प्रभावित क्षेत्र में है, तो उसकी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक सोशल मीडिया पोस्ट में अनावश्यक रूप से साझा करने के बजाय दूतावास या आधिकारिक Emergency Control Room को भेजें। पासपोर्ट नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम को ही दें।

