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CJP के ‘संसद चलो’ मार्च पर आँसू गैस और बल प्रयोग, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों-पुलिस के बीच टकराव

शिक्षा व्यवस्था और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लेकर संसद की ओर बढ़ रहे CJP समर्थकों को रोकने के दौरान आँसू गैस और बल प्रयोग हुआ। उपलब्ध वीडियो में सड़क पर धुआं और मेट्रो स्टेशन पर भारी…

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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आह्वान पर संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान दिल्ली में पुलिस और युवाओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। समाचार एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल किया और बल प्रयोग किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की सूचनाएं भी सामने आई हैं।

CJP ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों, कथित परीक्षा अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘संसद चलो’ मार्च का आह्वान किया था। जंतर-मंतर और आसपास एकत्र प्रदर्शनकारी जब संसद की ओर बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।

सड़क पर धुएं का गुबार, पीछे हटते दिखाई दिए लोग

Digital Saboot को प्राप्त आठ सेकंड के एक वीडियो में सड़क पर बड़ी मात्रा में धुआं फैला दिखाई देता है। धुएं के बीच कई लोग पीछे हटते और दूसरी ओर जाते नजर आते हैं। कुछ पुलिसकर्मी भी घटनास्थल पर दिखाई देते हैं।

वीडियो आँसू गैस का गोला छोड़े जाने का क्षण नहीं दिखाता, लेकिन घटनास्थल पर फैला धुआं स्पष्ट रूप से दर्ज है। एसोसिएटेड प्रेस समेत अन्य मीडिया रिपोर्टों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आँसू गैस के इस्तेमाल की सूचना दी है।

मेट्रो स्टेशन पर भारी भीड़

लगभग 25 सेकंड के दूसरे वीडियो में एक मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर भारी भीड़ दिखाई देती है। प्रवेश द्वार के पास सुरक्षाकर्मी तैनात हैं और बड़ी संख्या में लोग एक साथ अंदर जाने का प्रयास करते नजर आते हैं। भीड़ के दबाव के बीच यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति दिखाई देती है।

केवल इस वीडियो से मेट्रो स्टेशन की पहचान और भीड़ में मौजूद सभी लोगों का CJP प्रदर्शन से संबंध स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं होता। इसलिए स्थान और समय संबंधी दावे को फिलहाल सीमित रखा गया है।

मार्च की अनुमति पर पुलिस का पक्ष

दिल्ली पुलिस ने मार्च से पहले कहा था कि संसद तक प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए संसद तथा मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे थे।

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा तथा आँसू गैस और बल प्रयोग की स्थिति बनी।

दमन नहीं, संवाद का रास्ता चुने सरकार

संसद की ओर प्रदर्शन करने जा रहे युवाओं पर आँसू गैस और बल प्रयोग लोकतांत्रिक संवाद का विकल्प नहीं हो सकता। कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन शिक्षा से जुड़े सवाल उठा रहे युवाओं की बात गंभीरता से सुनना भी लोकतांत्रिक शासन का दायित्व है।

सरकार को दमन के स्थान पर बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था, परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े प्रश्नों पर पारदर्शी संवाद हो और यदि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों की विफलता सामने आती है तो जवाबदेही तय की जाए।

साथ ही, प्रदर्शन के दौरान हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान अथवा प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन प्रवेश के किसी आरोप की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जवाबदेही प्रदर्शनकारियों तक सीमित न रहकर बल प्रयोग का आदेश देने और उसे लागू करने वाले अधिकारियों की भी तय होनी चाहिए।

संपादकीय पारदर्शिता: उपलब्ध वीडियो में धुएं का गुबार और मेट्रो स्टेशन पर भीड़ दिखाई देती है। आँसू गैस का गोला छोड़े जाने का वास्तविक क्षण वीडियो में दर्ज नहीं है। घटना की विस्तृत परिस्थितियों पर दिल्ली पुलिस का औपचारिक पक्ष मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।

Transparency Note

How This Report Was Prepared

Verification Status
Partly Verified
Source Method
उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दो वीडियो के दृश्य परीक्षण तथा 20 जुलाई 2026 की सार्वजनिक मीडिया रिपोर्टों पर आधारित। वीडियो में आँसू गैस का गोला छोड़े जाने का क्षण नहीं दिखता।
Right of Reply
दिल्ली पुलिस से प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन प्रकाशन तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।
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ASHEESH CHAUHAN

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