छतरपुर। केन-वेतवा लिंक परियोजना तथा रुँझ और मझगांव बांध परियोजनाओं से प्रभावित विस्थापितों के आंदोलन को पुलिस और प्रशासन ने समाप्त करवा दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने परियोजनाओं से जुड़े कार्यों में कथित रूप से 400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
अमित भटनागर ने लगाए गंभीर आरोप
उपलब्ध पहले वीडियो में अमित भटनागर अधिकारियों और परियोजना से जुड़े कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। उनका दावा है कि वह करीब 400 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले थे। भटनागर इससे पहले भी संबंधित अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा चुके हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने धरना स्थल खाली करवाया
दूसरे उपलब्ध वीडियो में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी धरना-प्रदर्शन समाप्त करवाते दिखाई दे रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों को एम्बुलेंस में ले जाया गया, जबकि वहां मौजूद महिलाओं को बसों में बैठाकर उनके घर भेजे जाने की बात प्रशासन ने कही है।
वीडियो: धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों को ले जाते पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी।
ASP आदित्य पाटले ने सुरक्षा को बताया कारण
छतरपुर के एएसपी आदित्य पाटले के अनुसार, पुलिस और प्रशासन के साथ डॉक्टरों की एक टीम भी मौके पर पहुंची थी, ताकि प्रदर्शनकारियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच की जा सके।
एएसपी ने कहा कि वहां मौजूद महिलाओं को शांतिपूर्वक बसों में बैठाकर उनके घर पहुंचाया गया। उनके मुताबिक प्रदर्शन स्थल निर्माणाधीन पुल के पास था और बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया था। क्षेत्र सुरक्षित नहीं माने जाने के कारण प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया गया।
विस्थापितों की मांगों पर आगे की कार्रवाई का इंतजार
आंदोलन समाप्त करवाए जाने के बाद विस्थापित परिवारों की मांगों, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अमित भटनागर द्वारा लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर संबंधित विभाग अथवा अधिकारियों का विस्तृत जवाब भी प्रतीक्षित है।
संपादकीय नोट: 400 करोड़ रुपये के कथित भ्रष्टाचार संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खबर में अमित भटनागर के आरोप और पुलिस-प्रशासन का उपलब्ध पक्ष अलग-अलग तथा आरोपित रूप में प्रस्तुत किया गया है।


