अपडेट—वाराणसी, 18 जुलाई। वाराणसी कमिश्नरेट के चौबेपुर थाने में जनसुनवाई के दौरान एक महिला आगंतुक को थप्पड़ मारने के मामले में महिला उपनिरीक्षक कुमारी रोशनी सिंह को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया सेल, DCP वरुणा जोन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने जांच के बाद निलंबन की कार्रवाई की है और विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार घटना 16 जुलाई 2026 की है। थाना चौबेपुर में जनसुनवाई के दौरान महिला आगंतुक के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामले की जांच कराई गई। वायरल वीडियो में वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी शिकायत लेकर आई महिला के चेहरे और सिर की ओर कई बार हाथ चलाती दिखाई देती है।
पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई
DCP वरुणा जोन के सोशल मीडिया सेल द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि महिला आगंतुक को थप्पड़ मारने के मामले में महिला उपनिरीक्षक कुमारी रोशनी सिंह को पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन ने जांच और विभागीय कार्रवाई के क्रम में निलंबित कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अब वीडियो में दिखाई दे रही पुलिसकर्मी की पहचान और निलंबन की आधिकारिक पुष्टि हो गई है।
वीडियो में क्या दिखाई देता है?
डिजिटल सबूत न्यूज़ के पास उपलब्ध 10.2 सेकंड के वीडियो की दृश्य समीक्षा में वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी और साधारण कपड़ों में मौजूद एक महिला आमने-सामने खड़ी दिखाई देती हैं। कुछ ही क्षणों में पुलिसकर्मी महिला के चेहरे और सिर की ओर बार-बार हाथ चलाती नजर आती है। महिला पीछे हटते हुए अपना बचाव करती दिखाई देती है। पास मौजूद दूसरा पुलिसकर्मी स्पष्ट रूप से हस्तक्षेप करता नजर नहीं आता।
वीडियो घटना से पहले और बाद की पूरी परिस्थिति नहीं दिखाता, लेकिन वाराणसी पुलिस की आधिकारिक सूचना ने स्थान, घटना की तारीख, संबंधित उपनिरीक्षक की पहचान और निलंबन की कार्रवाई की पुष्टि कर दी है। वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग और तकनीकी अखंडता की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
पहले जांच की बात, अब निलंबन
मामला सामने आने के बाद चौबेपुर थाना प्रभारी ने डिजिटल सबूत न्यूज़ को बताया था कि वायरल वीडियो की जांच चल रही है। उस समय संबंधित पुलिसकर्मी का नाम बताने से इनकार किया गया था। अब DCP वरुणा जोन की आधिकारिक सूचना में उपनिरीक्षक कुमारी रोशनी सिंह का नाम बताते हुए निलंबन और विभागीय कार्रवाई की पुष्टि की गई है।
अभी इन सवालों के जवाब बाकी
- महिला आगंतुक की मूल शिकायत क्या थी और उस पर क्या कार्रवाई हुई?
- घटना के समय मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच हुई या नहीं?
- थाने का सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी रजिस्टर सुरक्षित किया गया या नहीं?
- विभागीय जांच के अतिरिक्त कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है या नहीं?
- जांच पूरी करने की समय-सीमा क्या तय की गई है?
थाना नागरिकों के लिए शिकायत और सुरक्षा का पहला संस्थागत दरवाजा है। जनसुनवाई के दौरान महिला आगंतुक के साथ मारपीट और उसके बाद सामने आया वीडियो पुलिस व्यवहार तथा जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। निलंबन प्रारंभिक विभागीय कार्रवाई है; अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से तय होगी।
संपादकीय अपडेट: रिपोर्ट को 18 जुलाई 2026 को DCP वरुणा जोन के सोशल मीडिया सेल की आधिकारिक सूचना के आधार पर अपडेट किया गया है। पहले प्रकाशित संस्करण में पुलिसकर्मी का नाम आधिकारिक रूप से उपलब्ध न होने के कारण प्रकाशित नहीं किया गया था।


