अलीगढ़। इस रिपोर्ट में दो अलग और स्वतंत्र घटनाक्रम हैं। पहला भाग शिकायतकर्ता विष्णु गुप्ता द्वारा ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर से संबंधित G.D. Construction के विरुद्ध की गई शिकायत, उस पर गठित संयुक्त जांच, FIR और उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका से संबंधित है। दूसरा भाग Digital Saboot News द्वारा G.D. Construction सहित कुल 13 फर्मों के GST और पंचायत भुगतान रिकॉर्ड की स्वतंत्र दस्तावेजी पड़ताल है। इन 13 फर्मों का डेटा-विश्लेषण विष्णु गुप्ता की मूल शिकायत या उस पर हुई विभागीय जांच का हिस्सा नहीं है।
खबर एक नजर में
| 2 स्वतंत्र हिस्से |
13 फर्मों का डेटा |
8 GSTIN रद्द |
12 उच्च न्यायालय में प्रतिवादी |
भाग–1: ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर की G.D. Construction शिकायत, संयुक्त जांच, FIR और उच्च न्यायालय
शिकायत की जांच पर उठे गंभीर सवाल
Digital Saboot के पास उपलब्ध स्पष्ट साक्ष्य के अनुसार शिकायतकर्ता विष्णु गुप्ता को संयुक्त जांच में शामिल नहीं किया गया और जांच टीम ने न उनका बयान दर्ज किया, न उनके प्रस्तुत साक्ष्यों को जांच रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया।
- शिकायतकर्ता की भागीदारी: संयुक्त जांच में विष्णु गुप्ता को कब बुलाया गया, उनका बयान किस अधिकारी ने दर्ज किया और उनके साक्ष्यों पर क्या निष्कर्ष निकला—इसका रिकॉर्ड सामने नहीं है।
- स्थलीय जांच: CDO ने तीन सदस्यीय टीम गठित की थी, लेकिन टीम ने मौके पर कब और किस प्रकार भौतिक/स्थलीय परीक्षण किया, इसकी निरीक्षण रिपोर्ट, फोटो, Measurement Book और सत्यापन अभिलेख उपलब्ध रिकॉर्ड में स्पष्ट नहीं हैं।
- 13 फर्मों का दायरा: पंचायतवार काम, bill, voucher, vendor verification, FTO/UTR और वास्तविक भुगतान का firm-wise परीक्षण किए बिना यह तय नहीं हो सकता कि भुगतान नियमों के अनुरूप था या नहीं।
- उच्च न्यायालय: उपलब्ध फाइलिंग साक्ष्य और संपादक द्वारा की गई पक्षकार-गणना के अनुसार कुल 12 लोगों/पक्षकारों को प्रतिवादी बनाकर याचिका दाखिल की जा चुकी है। केस संख्या, पंजीकरण की वर्तमान स्थिति और किसी न्यायिक आदेश का विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड से सत्यापित होने पर जोड़ा जाएगा।
संपादकीय स्पष्टता: याचिका दाखिल होना आरोपों की सत्यता, न्यायालय द्वारा मामले को स्वीकार कर लिए जाने या किसी पक्ष की दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं है। ये स्थितियां आधिकारिक न्यायालयी रिकॉर्ड और आदेश से ही तय होंगी।
भाग–2: G.D. Construction सहित कुल 13 फर्मों पर Digital Saboot News की स्वतंत्र दस्तावेजी पड़ताल
यह पड़ताल विष्णु गुप्ता की शिकायत से अलग है
ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर से संबंधित G.D. Construction के विरुद्ध मूल शिकायत विष्णु गुप्ता ने की थी। इसके बाद Digital Saboot News ने G.D. Construction सहित कुल 13 फर्मों के GST और भुगतान रिकॉर्ड की स्वतंत्र दस्तावेजी पड़ताल की। उपलब्ध public-search records में आठ GSTIN Cancelled suo-moto, चार Active और एक identifier Invalid दिखाई दिया। Composition श्रेणी वाली फर्मों के बिलों में अलग से कर राशि वसूले जाने के संकेतों पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि Composition taxpayer सामान्यतः अलग से GST वसूल नहीं कर सकता। किसी विशेष bill और tax liability पर अंतिम निष्कर्ष मूल Bill of Supply/invoice, return, challan और भुगतान रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही निकलेगा।
इस स्वतंत्र पड़ताल के लिए Digital Saboot के संपादक ने दो अलग RTI प्रक्रियाएं अपनाईं। पंचायती राज विभाग, अलीगढ़ से 13 फर्मों के पंचायतवार काम, बिल, voucher और भुगतान records मांगे गए; जवाब न मिलने पर प्रथम अपील दायर की गई। राज्य कर विभाग से bills की GST verification, invoice-date status, return में invoice का reflection और tax payment के प्रमाणित records मांगे गए। राज्य कर विभाग का औपचारिक पत्र मिला, लेकिन मांगी गई निर्णायक bill-wise सूचना नहीं दी गई।
उपलब्ध GST public-search records में आठ GSTIN Cancelled suo-moto, चार Active और एक identifier Invalid दिखाई देता है। पुराने तथा बाद के records की तुलना में तीन registrations की स्थिति बदली हुई मिली—दो पहले Cancelled suo-moto और एक Suspended था, जबकि बाद के screenshots में ये Active दिखे। यह बदलाव अपने-आप अनियमितता सिद्ध नहीं करता, लेकिन restoration/suspension-removal order, effective date, tax compliance और portal audit trail सार्वजनिक किए बिना सवाल समाप्त नहीं होते।
संपादकीय सावधानी: FIR, शिकायत और विभागीय प्रेस विज्ञप्ति में दर्ज बातें आरोप या प्रशासनिक निष्कर्ष हैं, न्यायिक दोषसिद्धि नहीं। Current portal status किसी पुराने bill को अपने-आप वैध या अवैध सिद्ध नहीं करता। अंतिम निष्कर्ष मूल invoice, Bill of Supply, work order, Measurement Book, return, challan, FTO/UTR, beneficiary credit और सक्षम अधिकारी के आदेश से ही निकलेगा।
समयरेखा–1: शिकायत से संयुक्त जांच और FIR तक
- 27 मई 2026—विष्णु गुप्ता की शिकायत: ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर, विकास खंड बिजौली से संबंधित IGRS शिकायत संख्या 40014326024869 दर्ज हुई। बाद के विभागीय पत्रों में शिकायत संख्या 40014326026625 और 40014326027062 का भी उल्लेख है। आरोप ग्राम निधि से निर्माण/सामग्री आपूर्ति, सरकारी धन की अनियमितता और GST registration निरस्त होने के बाद भुगतान से जुड़े थे।
- 2 जून 2026—CDO का संयुक्त जांच आदेश: मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने पत्रांक 1248/7-पं०/प्र०स्था०/शिकायत-जांच/ग्रा०पं०/2026-2027 से तीन सदस्यीय संयुक्त जांच टीम बनाई—जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), बिजौली। टीम को मौके पर विस्तृत अभिलेखीय, तकनीकी, स्थलीय और गहन जांच कर साक्ष्य व फोटो सहित रिपोर्ट 15 जून 2026 तक DPRO कार्यालय में देने का आदेश था।
- 11 जून 2026—ADO पंचायत का पत्र: सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), बिजौली ने DPRO को बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी का स्थानांतरण हो जाने के कारण जांच समय पर नहीं हो सकी और शिकायतकर्ता को जांच रिपोर्ट के बाद अवगत कराने की बात कही।
- 24–25 जून 2026—प्रशासनिक अनुमोदन और कार्रवाई: DPRO के 27 जून के पत्र के अनुसार संयुक्त जांच रिपोर्ट पत्रांक 573 दिनांक 23 जून 2026 पर जिलाधिकारी का अनुमोदन 24 जून को हुआ। इसके अनुपालन में CDO कार्यालय के पत्र संख्या 1886 दिनांक 25 जून 2026 से ग्राम पंचायत सचिव ओमकार सिंह को G.D. Construction को प्रतिबंधित/blacklist करने और संबंधित थाने में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
- 25 जून 2026—जिला सूचना कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति: प्रेस नोट में जिलाधिकारी अविनाश कुमार द्वारा G.D. Construction को काली सूची में डालने और FIR दर्ज कराने के आदेश का उल्लेख है। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने संयुक्त जांच में फर्म को दोषी पाए जाने की बात कही। प्रेस विज्ञप्ति में जिला पंचायत राज अधिकारी का नाम “यतेंद्र कुमार” लिखा है, जबकि 27 जून के हस्ताक्षरित विभागीय पत्र पर नाम “यतेंद्र सिंह” अंकित है। विभाग को इस नाम-अंतर की आधिकारिक पुष्टि करनी चाहिए।
- 27 जून 2026—DPRO का IGRS निस्तारण पत्र: जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह ने पत्रांक 1953/7/पं०/IGRS/आख्या/2026-27 में तीनों शिकायत संदर्भों के निस्तारण का अनुरोध किया। पत्र में शिकायतकर्ता से उसी दिन 2:39 बजे मोबाइल पर संपर्क कर कार्रवाई की जानकारी देने का भी उल्लेख है।
- 29 जून 2026—FIR: थाना दादों में FIR संख्या 0177/2026 दर्ज हुई। FIR दर्ज होना दोषसिद्धि नहीं है; आरोपों की विवेचना पुलिस की अलग वैधानिक प्रक्रिया है। FIR copy/reference Digital Saboot को विष्णु गुप्ता से मिला।
- इसके बाद—उच्च न्यायालय में याचिका: Digital Saboot को उपलब्ध फाइलिंग साक्ष्य और संपादक द्वारा की गई पक्षकार-गणना के अनुसार कुल 12 लोगों/पक्षकारों को प्रतिवादी बनाकर माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। केस संख्या, पंजीकरण स्थिति और आदेश संबंधी विवरण का आधिकारिक सत्यापन जारी है। याचिका दाखिल होना न्यायिक निष्कर्ष या दोषसिद्धि नहीं है।
प्रेस विज्ञप्ति में क्या कहा गया?
जिला सूचना कार्यालय, अलीगढ़ की 25 जून 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ग्राम पंचायत लहरा सलेमपुर में वित्तीय अनियमितताओं की संयुक्त जांच के बाद G.D. Construction को काली सूची में डालने और FIR दर्ज कराने के आदेश दिए गए। प्रेस नोट में वित्त वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान फर्म को “GST” मद में ₹2,19,908.34 तथा “CGST” मद में ₹2,19,908.34, कुल ₹4,39,816.68 भुगतान लिखा गया है। सामान्यतः कर-विभाजन में CGST के साथ SGST का उल्लेख अपेक्षित हो सकता है, लेकिन मूल प्रेस नोट “GST” लिखता है; Digital Saboot इसे बिना मूल ledger के “SGST” मानकर नहीं बदल रहा। प्रेस नोट का आरोप है कि फर्म ने समय पर return दाखिल कर कर राशि जमा नहीं की। यह प्रशासनिक आरोप है; अंतिम दायित्व tax ledger, return/challan, पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया से तय होगा।
रकम में महत्वपूर्ण अंतर: FIR की उपलब्ध प्रति में कुल राशि ₹4,39,81,668 अंकित दिखाई देती है, जबकि जिला सूचना कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति में ₹4,39,816.68 है। दोनों के बीच सौ गुना अंतर है। Digital Saboot किसी एक आंकड़े को स्वतः सही नहीं मानता; DPRO, पुलिस और राज्य कर विभाग को मूल भुगतान तालिका, tax ledger तथा FIR तैयार करने में प्रयुक्त अभिलेख जारी कर अंतर स्पष्ट करना चाहिए।
समयरेखा–2: दो RTI, अधूरा जवाब और प्रथम अपील
- Cancelled GST मामला सामने आने के बाद: Digital Saboot के संपादक ने संबंधित फर्मों, bills, returns और पंचायत भुगतानों के पहले से उपलब्ध records प्राप्त करने के लिए RTI प्रक्रिया अपनाई। RTI में नई जांच, राय या अपराध-निर्धारण नहीं मांगा गया।
- 17 जून 2026—पंचायती राज विभाग, अलीगढ़ में अलग RTI: Digital Saboot के संपादक ने इन 13 फर्मों के 1 अप्रैल 2021 से 17 जून 2026 तक के पंचायतवार काम, bills, vouchers, vendor verification और firm-wise payments की प्रमाणित प्रतियों के लिए DPRO/पंचायती राज विभाग, अलीगढ़ में RTI दायर की। संपादक के अनुसार निर्धारित अवधि में कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद प्रथम अपील दायर की जा चुकी है। प्रथम अपील की तारीख और पंजीकरण/डायरी संख्या उपलब्ध प्रति से जोड़ी जाएगी; इसे अनुमान से नहीं लिखा गया है। विभाग से RTI की प्राप्ति, नामित PIO, उत्तर न देने का कारण और प्रथम अपील की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने को कहा गया है।
- 22 जून 2026—बिलों की जांच/verification वाली RTI राज्य कर विभाग में: Digital Saboot के संपादक ने GST विभाग में पंजीकरण संख्या COMCT/R/2026/60235 से RTI दायर की। इसमें संबंधित bills के GSTIN, invoice-date status, return में invoice का reflection, tax जमा होने के उपलब्ध records और विभाग द्वारा की गई bill-wise verification/action की प्रमाणित सूचना मांगी गई। RTI ने कोई नई जांच कराने का आदेश नहीं मांगा; उसने bills की पहले से उपलब्ध जांच और tax-compliance records मांगे।
- 13 जुलाई 2026—औपचारिक पत्र मिला, लेकिन मांगी गई बिलवार सूचना नहीं: राम शंकर, सहायक आयुक्त, राज्य कर, खण्ड-03, अलीगढ़ के हस्ताक्षर वाला पत्रांक 200/2026-27/उपा०रा०कर खण्ड-03 मिला। इसमें 11 बिल “जांच हेतु संलग्न” बताए गए, जबकि तालिका में 10 GSTIN हैं। संभव है कि एक GSTIN से एक से अधिक बिल जुड़े हों; समस्या केवल संख्या का अंतर नहीं, बल्कि बिल-से-GSTIN मिलान तालिका का न दिया जाना है। Digital Saboot के अनुसार invoice-date status, return में invoice का reflection, tax payment, challan और बिलवार verification/action का प्रश्नवार प्रमाणित जवाब नहीं दिया गया। इसलिए तथ्य यह है कि विभाग का पत्र मिला, लेकिन RTI में मांगी गई निर्णायक सूचना नहीं मिली।
- 16 जुलाई 2026—प्रथम अपील: अधूरे जवाब के विरुद्ध पंजीकरण संख्या COMCT/A/2026/60100 से अपील दायर की गई। इसमें प्रश्नवार प्रमाणित records और कारणयुक्त निर्णय मांगा गया।
- बाद का संपादकीय मिलान: GST public-search screenshots, सरकारी वेबसाइट से निकले firm–village records और eGramSwaraj/PFMS voucher का मिलान किया गया। इसी चरण में तीन GSTIN पुराने Cancelled/Suspended status के मुकाबले Active दिखाई दिए। इन तीन GSTIN के विरुद्ध कोई अलग शिकायत नहीं दी गई थी।
तीन GSTIN की स्थिति क्यों बदली?
| फर्म | पुराना record | बाद का screenshot | मांगा गया रिकॉर्ड |
|---|---|---|---|
| Shikha Traders 09AYKPD1726C1ZS |
Cancelled suo-moto 03/08/2024 से पुराना screenshot देखें |
Active–Composition बाद का screenshot देखें |
REG-21, ARN, REG-22, effective date, returns |
| SM Enterprises 09AZKPL3677M1ZJ |
Suspended 28/04/2026 से पुराना screenshot देखें |
Active–Regular बाद का screenshot देखें |
Proceedings-drop/suspension-removal order और status log |
| Maa Saraswati Construction and Suppliers 09CLRPN1504L1ZO |
Cancelled suo-moto 27/03/2024 से पुराना screenshot देखें |
Active–Regular बाद का screenshot देखें
|
REG-21, ARN, REG-22, effective date, returns; अब suspension order/status-change audit trail भी जरूरी |
स्पष्टता: screenshots status-change दिखाते हैं; वे यह सिद्ध नहीं करते कि RTI के कारण registration Active हुआ। कारण और तारीख केवल restoration order तथा portal audit trail से सिद्ध होंगे।
GST registration दोबारा Active करने का नियम
GST Portal के आधिकारिक guide के अनुसार suo-moto cancellation के बाद revocation application सामान्यतः 90 दिन तक और condonation सहित 91 से 270 दिन के बीच दाखिल की जा सकती है। Proper Officer पर्याप्त आधार मिलने पर FORM GST REG-22 से cancellation revoke करता है। 270 दिन के बाद सामान्य REG-21 route से अलग कोई वैधानिक आधार—जैसे appellate, judicial, special-relief या सक्षम back-office restoration order—दिखाना आवश्यक होगा। Suspended status अलग है; cancellation proceedings drop होने पर अधिकारी इसे Active कर सकता है।
- Shikha Traders की 270-दिन अवधि 03/08/2024 से लगभग 30/04/2025 तक बनती है।
- Maa Saraswati Construction की 270-दिन अवधि 27/03/2024 से लगभग 22/12/2024 तक बनती है।
- SM Enterprises Suspended था; इसके लिए proceedings-drop या suspension-removal order जरूरी है।
आधिकारिक संदर्भ: GST Portal—Revocation guide, CBIC—CGST Rule 23, GST Portal—Suo-moto cancellation guide.
राज्य कर विभाग का जवाब निर्णायक क्यों नहीं?
RTI Digital Saboot के संपादक ने स्वयं दायर की थी। विभागीय जवाब में मुख्यतः वही basic profile दी गई जिसे कोई भी व्यक्ति GST Portal पर GSTIN डालकर देख सकता है। मांगी गई निर्णायक सूचना यह थी:
- invoice और payment की तारीख पर GSTIN का status;
- cancellation, suspension, revocation और restoration history;
- संबंधित tax period का GSTR-1, GSTR-3B या composition return;
- invoice return में reflect हुई या नहीं;
- tax challan, interest, penalty, late fee और recovery/action record;
- हर bill से संबंधित उपलब्ध verification record।
केवल “Filed/Not filed” लिखने से return का प्रकार, अवधि, filing date, invoice reflection और वास्तविक tax payment सिद्ध नहीं होता।
सभी 13 GSTIN: सार्वजनिक portal पर क्या दिखा?
Digital Saboot ने संपादक द्वारा उपलब्ध कराए गए GST public-search records का फर्मवार मिलान किया। नीचे दिया status केवल screenshot के समय portal पर दिखाई गई स्थिति है; इससे पुराने invoice की वैधता, return में invoice का reflection, tax payment या अपराध अपने-आप सिद्ध नहीं होता।
| फर्म | GSTIN/Identifier | Portal status | Taxpayer type | दस्तावेजी साक्ष्य |
|---|---|---|---|---|
| G.D. Construction | 09GZTPD5065G1ZV | Cancelled suo-moto, 20/05/2024 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Sharma Contractor and Suppliers | 09FBLPS0223N1Z5 | Cancelled suo-moto, 01/04/2021 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Shikha Traders | 09AYKPD1726C1ZS | Active | Composition | |
| Sunil Construction & Suppliers | 09FAIPB3328F1ZW | Cancelled suo-moto, 13/01/2026 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Singhal Contractor & Supplier | 09FOZPS7297H1ZH | Cancelled suo-moto, 04/03/2024 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Sagar Traders | 09CDQPD3669F1Z7 | Cancelled suo-moto, 16/12/2024 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Vaishnavi Interlocking Bricks & Supplier | 09EFTPK8908B1ZZ | Active | Composition | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Yogesh Building Material | 09325220408S | Invalid GSTIN/UIN result | सत्यापन लंबित | साक्ष्य बड़ा देखें |
| S M Construction | 09INXPK2994B1Z8 | Cancelled suo-moto, 19/06/2023 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Himanshu Traders | 09KUBPS9518A1ZA | Cancelled suo-moto, 16/12/2024 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| SM Enterprises | 09AZKPL3677M1ZJ | पहले Cancelled फिर Active अब Suspended |
Regular Latest status: Suspended |
|
| Bandana Contractors & Co. | 09BCDPC6025K1ZP | Cancelled suo-moto, 04/10/2021 से | Regular | साक्ष्य बड़ा देखें |
| Maa Saraswati Construction and Suppliers | 09CLRPN1504L1ZO | पहले Cancelled फिर Active अब Suspended |
Regular Latest: Suspended |
रद्द, निलंबित या Composition स्थिति के बावजूद भुगतान कैसे चलता रहा?
GST records में कई registrations Cancelled suo-moto या Suspended दिखाई दिए, जबकि कुछ फर्में Composition category में थीं। ऐसे में पंचायत और संबंधित विभागों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन फर्मों के bills, supplies और payments किस प्रक्रिया से स्वीकार होते रहे।
- Invoice-date status: जिस तारीख को सामान/काम का bill बनाया गया, उस दिन संबंधित GSTIN Active था, Cancelled था या Suspended?
- Cancelled/Suspended अवधि: यदि supply या invoice उस अवधि का है, तो bill किस कानूनी आधार पर स्वीकार किया गया और vendor verification किस अधिकारी ने किया?
- Composition taxpayer: क्या firm ने नियमानुसार Bill of Supply जारी किया, या tax invoice बनाकर GST अलग से वसूला गया? Composition status अपने-आप कारोबार पर रोक नहीं है, लेकिन tax collection और ITC पर अलग नियम लागू होते हैं।
- Restoration record: जिन registrations का status बाद में Active दिखा, उनके REG-21/REG-22, suspension-removal order, effective date और return-compliance records कहां हैं?
- Payment trail: work order, Measurement Book, invoice, voucher, FTO/UTR, beneficiary credit और tax return/challan का firm-wise मिलान किस जांच में किया गया?
- Bank account/revenue protection: GST registration Cancelled या Suspended होने के बाद क्या विभाग ने बकाया कर, संभावित राजस्व जोखिम और जारी लेन-देन का आकलन किया? यदि सक्षम proceedings शुरू थीं, तो CGST Act की धारा 83 के तहत bank account सहित property की provisional attachment आवश्यक मानी गई या नहीं; और इस पर लिखित निर्णय/कारण क्या है?
- Account opening और GST document: संबंधित proprietorship/current account खोलते समय बैंक ने business/activity proof के रूप में कौन-से दस्तावेज लिए थे? GST certificate लिया गया था तो उसकी validity/status कब और किस प्रक्रिया से verify की गई? RBI KYC framework में GST certificate संभावित business proof में से एक है; वह हर खाते का एकमात्र अनिवार्य आधार नहीं है।
- Periodic KYC: संबंधित फर्म की risk category क्या थी और आखिरी periodic KYC कब हुई? उपलब्ध RBI framework में periodic updation risk-based है—इसलिए यह स्पष्ट किया जाए कि review के समय business profile, GSTIN, address, ownership और supporting documents में हुए बदलाव दर्ज किए गए या नहीं।
- Ongoing transaction monitoring: खाते का turnover, सरकारी/पंचायत भुगतान, inward credits, withdrawals और transaction pattern घोषित business तथा expected activity से मेल खाते थे या नहीं? क्या unusual, complex या profile से असंगत transactions पर alert, enhanced due diligence या internal review हुआ?
- Customer और bank record update: GST registration Cancelled/Suspended होने या बाद में Active होने की सूचना account holder ने बैंक को दी थी या नहीं? बैंक को यह जानकारी कब और किस document/official communication से मिली, और उसके बाद KYC/customer profile में क्या update किया गया?
- Freeze/attachment order: क्या GST विभाग या किसी सक्षम प्राधिकारी ने bank account की provisional attachment/freeze के लिए लिखित आदेश भेजा था? केवल GST cancellation से खाता स्वतः freeze नहीं होता; यदि कोई आदेश नहीं था, तो बैंक ने transaction monitoring और risk review के स्तर पर क्या कार्रवाई की?
- जवाबदेही: यदि portal status की जांच किए बिना भुगतान स्वीकृत हुआ, तो पंचायत सचिव, सत्यापन अधिकारी और भुगतान अनुमोदन श्रृंखला में जिम्मेदारी किसकी तय की गई?
संपादकीय सावधानी: केवल current GST status किसी पुराने bill या payment को स्वतः वैध अथवा अवैध सिद्ध नहीं करता। निष्कर्ष invoice की तारीख और मूल विभागीय व कर अभिलेखों के मिलान से ही निकलेगा।
Evidence की सीमा: प्रत्येक तस्वीर संबंधित GSTIN/identifier के सामने दी गई है। Screenshot केवल capture के समय portal पर दिखाई गई registration particulars/status दर्शाता है; वह किसी खास invoice, भुगतान, tax return या अनियमितता को अपने-आप सिद्ध नहीं करता।
Composition GST का नियम: क्या material bill किया जा सकता है?
हाँ, पात्र Composition taxpayer माल/material की intra-State supply कर सकता है, लेकिन सामान्य Tax Invoice जारी करके GST अलग से नहीं जोड़ सकता। CGST Act की धारा 31(3)(c), CBIC Composition Rules और आधिकारिक FAQ के अनुसार उसे Bill of Supply जारी करना चाहिए, जिस पर “composition taxable person, not eligible to collect tax on supplies” लिखा हो। वह ग्राहक से CGST/SGST अलग से वसूल नहीं कर सकता और खरीदार उस खरीद पर Input Tax Credit नहीं ले सकता।
- Material की बिक्री अपने-आप गैरकानूनी नहीं: bricks, sand या अन्य building material की पात्र स्थानीय आपूर्ति की जा सकती है। निर्णायक बात यह है कि फर्म उस तारीख पर Composition में पात्र थी या नहीं और दस्तावेज Bill of Supply था या Tax Invoice।
- Works contract अलग प्रश्न है: निर्माण/कार्य अनुबंध GST में service माना जा सकता है। केवल portal पर “Composition” दिखने से यह सिद्ध नहीं होता कि फर्म हर तरह का निर्माण contract ले सकती थी। विभाग को बताना होगा कि taxpayer धारा 10(1) के trader/manufacturer category में था या धारा 10(2A) वाली service composition व्यवस्था में, और turnover/अन्य शर्तें पूरी थीं या नहीं।
- अलग GST दिखाया तो जांच जरूरी: Composition अवधि के bill में CGST/SGST अलग जोड़ना, Tax Invoice लिखना या पंचायत को ITC योग्य invoice बताना नियमों के विपरीत हो सकता है। मूल bill, supply date और उस तारीख का scheme status देखना जरूरी है।
- Return trail: Composition taxpayer सामान्य GSTR-1 नहीं भरता; उसके लिए CMP-08 और वार्षिक GSTR-4 जैसे संबंधित records देखे जाने चाहिए। इसलिए केवल “return filed” लिखना पर्याप्त जवाब नहीं है।
HSN code में छूट का सही अर्थ
CBIC के आधिकारिक sectoral FAQ में Composition taxpayer को Bill of Supply या return में product का HSN code न बताने की सुविधा बताई गई है। यह HSN वाले माल को tax-free करने की छूट नहीं है। HSN reporting की राहत और वस्तु की GST exemption दो अलग बातें हैं। किसी material पर वास्तविक tax exemption तभी मानी जा सकती है जब उस वस्तु के लिए लागू सरकारी exemption notification मौजूद हो।
इसलिए Shikha Traders और Vaishnavi Interlocking Bricks & Supplier से invoice-date status, Composition category, CMP-08/GSTR-4, Bill of Supply, turnover तथा पंचायत भुगतान record मांगा जाना चाहिए। यदि bill में tax अलग दिखाया गया है तो विभाग बताए कि किस वैधानिक आधार पर।
आधिकारिक संदर्भ: CBIC—Composition Rules, CBIC—Sectoral FAQ, CGST Act—Sections 10, 31 and 32, CBIC—Invoice Rules.
सरकारी वेबसाइट records में किन गांवों से फर्मों का संबंध दिखा?
| फर्म | ग्राम पंचायतें |
|---|---|
| G.D. Construction | Gopalpur, Lahra Salempur, Sankra, Todar Pur |
| Sharma Contractor and Suppliers | Alipur Sesai, Bahona Kotra, Banupura, Barhepura, Barhsara, Bhamsoi Husainpur, Bisanpur Bahanpur, Chandauva Govardhanpur, Dari Alawlpur, Data Choli Buzurg, Data Choli Khurd, Dhurra Todarpur, Dudhma, Ganeshpur Tanah, Hussainpur Shahjadpur, Kakrali, Kalyan Nagar, Kasimpur Khushipur, Kasimpur Nagri, Khadava, Lahaski, Mandpur, Muzaffara, Narupura Katka, Palimukimpur, Pipli, Rajgaon, Ranmochna, Saifpur, Shamaspur, Sindhauli Khurd, Singhpur Himmatpur, Taraichi, Tochhi |
| Shikha Traders | Alipur Sesai, Banupura, Barhaul, Barhepura, Bhamauri Khurd, Bhikanpur, Bijauli, Bisanpur Bahanpur, Chandauva Govardhanpur, Dari Alawlpur, Data Choli Buzurg, Dudhma, Ganeshpur Tanah, Haivatpur Kotra, Hamidpur, Haranpur Kala, Hardoi, Harnot Bhojpur, Kakrali, Kanchanpur, Kasimpur Khushipur, Kasimpur Nagri, Khadava, Khiriri Mastipur, Lahaski, Mandpur, Maupur Bhaupur, Muzaffara, Nagalyia Jahar, Nagla Aliya, Narupura Katka, Palimukimpur, Pidhaul Mahmodpur, Pyavali, Rajgaon, Ram Nagar, Ranmochna, Rasaini, Saifpur, Shamaspur, Shekhupur Satkuna, Sihani Faridpur, Sindhauli Khurd, Singhpur Himmatpur, Sirsa, Taraichi, Tevathu, Todar Pur |
| Sunil Construction & Suppliers | Ata, Barhaul, Beelpura, Bhamauri Khurd, Bulapur, Chhaugawan, Dado, Dinapur, Ganeshpur Tanah, Haivatpur Kotra, Kakrali, Khadava, Khiriri Mastipur, Lahra Salempur, Nagalyia Jahar, Nagla Aliya, Palimukimpur, Raipur Khas, Ram Nagar, Rampur Chandiyana, Ranmochna, Rasaini, Sihani Faridpur |
| Singhal Contractor & Supplier | Barhaul, Beelpura, Bijauli, Kasimpur Khushipur, Lahra Salempur, Palimukimpur, Rajgaon, Shekhupur Satkuna, Sindhauli Khurd, Tevathu, Tochhi, Todar Pur |
| Sagar Traders | Barhsara, Chhaugawan, Maupur Bhaupur, Pipli, Rasaini, Shamaspur, Shekhupur Satkuna |
| Vaishnavi Interlocking Bricks & Supplier | Ata, Ram Nagar, Sihani Faridpur |
| Yogesh Building Material | Singhpur Himmatpur |
| S M Construction | Alipur Sesai, Beelpura, Bhamauri Khurd, Bhikanpur, Bijauli, Dado, Dari Alawlpur, Data Choli Buzurg, Data Choli Khurd, Gopalpur, Hamidpur, Haranpur Kala, Hardoi, Harnot Bhojpur, Hussainpur Shahjadpur, Kakrali, Kanchanpur, Khadava, Lahra Salempur, Mandpur, Maupur Bhaupur, Nagla Aliya, Pipli, Raipur Khas, Sankra, Shekhupur Satkuna, Sindhauli Khurd |
| Himanshu Traders | Bhikanpur, Hamidpur, Rampur Chandiyana, Ranmochna |
| SM Enterprises | Dado, Hamidpur, Lahra Salempur, Pidhaul Mahmodpur, Rampur Chandiyana |
| Bandana Contractors & Co. | Khadava |
| Maa Saraswati Construction and Suppliers | Barhepura, Haivatpur Kotra, Kasimpur Khushipur |
यह सरकारी वेबसाइट records से निकली firm–village सूची है। भुगतान, काम पूरा होने और GST compliance की पुष्टि work ID, invoice, Measurement Book, voucher, FTO/PFMS, UTR और beneficiary credit से होगी।
Cancelled GSTIN पर 2026 में भी हो रहा भुगतान?
Sharma Contractor and Suppliers का GSTIN 09FBLPS0223N1Z5 public screenshot में 01/04/2021 से Cancelled suo-moto दिखता है। eGramSwaraj voucher 5THSFC/2026-27/P/34 में ग्राम पंचायत Dari Alawlpur के लिए 11/06/2026 को उसी trade name पर ₹1,66,781 का PFMS भुगतान दर्ज है। Invoice photograph में समान राशि दिखाई देती है, लेकिन invoice number और date स्पष्ट नहीं हैं। विभाग को FTO, UTR, beneficiary credit और invoice-date GST status सार्वजनिक करना चाहिए।
पंचायती राज और MGNREGA के विभागीय निर्देश क्या कहते हैं?
Digital Saboot को उपलब्ध दो विभागीय पत्र vendor conflict of interest और MGNREGA भुगतान सत्यापन से जुड़े अलग-अलग प्रशासनिक निर्देश समझाते हैं। इन पत्रों का दायरा अलग है; इन्हें किसी फर्म के विरुद्ध स्वतः दोष का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
1. पंचायती राज विभाग: रिश्तेदार/संबद्ध firm को vendor बनाने पर रोक
उत्तर प्रदेश शासन का आदेश संख्या 730/33-3-2022-11/2022, दिनांक 20 अप्रैल 2022, जिसे निदेशक पंचायती राज ने 8 जून 2023 के पत्र से दोबारा कड़ाई से लागू कराने को कहा, conflict of interest रोकने पर केंद्रित है।
- Finance Commission के अंतर्गत material, ईंधन, stationery या अन्य supplies के लिए PFMS पर vendor चयन में पारदर्शिता अपेक्षित है।
- पंचायती राज विभाग से जुड़े पदाधिकारी/कर्मी तथा आदेश में परिभाषित उनके पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों द्वारा स्थापित firm/company को vendor के रूप में काम न देने का निर्देश है।
- पुनः जांच और कड़ाई से पालन: निदेशक पंचायती राज ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को अपने-अपने जनपद में वित्त आयोग के अंतर्गत PFMS पर vendor के रूप में पंजीकृत firms/companies की एक बार पुनः जांच कराने और शासनादेश के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। पत्र की भाषा के अनुसार निर्देशों का अनुपालन न होने की स्थिति में सम्पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित जिला पंचायत राज अधिकारी का होगा।
पत्र को गहराई से पढ़ने पर क्या निकलता है?
- निर्देश शिकायतों के बाद दोहराया गया: 8 जून 2023 के पत्र में कहा गया है कि विभिन्न जनपदों से शासनादेश का कड़ाई से पालन न होने और पदाधिकारियों/कर्मियों के परिजन या रिश्तेदार vendor के रूप में काम करने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी पृष्ठभूमि में पुराने शासनादेश को दोबारा भेजकर अनुपालन कराया गया।
- जांच केवल नई firm तक सीमित नहीं: भाषा “PFMS पर vendor के रूप में registered firm/company” की पुनः जांच की है। इसका अर्थ केवल नए registration की screening नहीं, बल्कि पहले से registered vendor base की दोबारा समीक्षा है।
- जिला स्तर पर जिम्मेदारी: पुनः जांच और compliance सुनिश्चित करने की सीधी प्रशासनिक जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को दी गई। पत्र में अनुपालन न होने पर सम्पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित जिला पंचायत राज अधिकारी का होने की बात इसे केवल सलाह नहीं, जवाबदेही वाला प्रशासनिक निर्देश बनाती है।
- मूल उद्देश्य: सरकारी आदेश conflict of interest रोकने, विभागीय कार्यप्रणाली में शुचिता बनाए रखने और vendor selection में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है।
अलीगढ़ में पुनः जांच हुई तो उसका रिकॉर्ड कहां है?
Digital Saboot का मुख्य सवाल: क्या अलीगढ़ के जिला पंचायत राज अधिकारी ने 8 जून 2023 के निर्देश के बाद PFMS पर registered vendors/firms की district-wide पुनः जांच कराई? यदि कराई, तो आदेश, जांच सूची, जांच अधिकारी, firm-wise निष्कर्ष, हटाए/रोके गए vendors और compliance report सार्वजनिक क्यों नहीं हैं?
विशेष रूप से G.D. Construction सहित कुल 13 फर्मों के मामले में यह बताया जाना चाहिए कि proprietor/beneficial owner, PAN, GSTIN, bank beneficiary, registered address, vendor-creation record और किसी पंचायत पदाधिकारी/कर्मी या परिभाषित रिश्तेदार से संबंध की जांच कब और किस अधिकारी ने की।
2. MGNREGA: ग्राम प्रधान के रिश्तेदारों सहित श्रमिकों के भुगतान से पहले सत्यापन
ग्राम्य विकास विभाग का पत्र संख्या 7-2025-डीएफए-1081783-38-7099-99-49-2022, दिनांक 25 अप्रैल 2025, MGNREGA में कार्यरत श्रमिकों और ग्राम प्रधान के पारिवारिक सदस्यों/रिश्तेदारों द्वारा काम किए जाने पर भुगतान-पूर्व सत्यापन से संबंधित है।
- यह पत्र 6 फरवरी 2024 के शासनादेश का संदर्भ लेकर अनुपालन सुनिश्चित करने को कहता है।
- संशोधित व्यवस्था में श्रमिक की उसके कार्यदिवस की फोटो संबंधित व्यक्ति द्वारा NMMS portal पर upload करने और वही photograph photo gallery में सुरक्षित रखने की बात है।
- इस पत्र का दायरा MGNREGA labour और payment verification है; यह हर vendor firm या हर रिश्तेदारी पर स्वतः सामान्य प्रतिबंध नहीं लगाता।
इन पत्रों के बाद उठने वाले सवाल
- क्या G.D. Construction सहित 13 फर्मों के proprietor, beneficial owner या संचालक का किसी पंचायत पदाधिकारी/कर्मी अथवा परिभाषित रिश्तेदार से संबंध जांचा गया?
- PFMS vendor onboarding के समय conflict-of-interest declaration, ownership proof, PAN/GSTIN और bank-account beneficiary का मिलान किस अधिकारी ने किया?
- क्या जिला पंचायत राज अधिकारी ने 8 जून 2023 के निर्देश के बाद इन vendors/firms की पुनः जांच की? यदि की, तो firm-wise रिपोर्ट कहां है?
- इन भुगतानों में कोई MGNREGA work शामिल था या नहीं? यदि था, तो muster roll, NMMS attendance, कार्यदिवस की photographs और payment-before-verification records उपलब्ध हैं?
- यदि काम Finance Commission, MGNREGA या किसी अन्य मद से था, तो प्रत्येक payment पर लागू scheme-specific नियम की पहचान क्यों नहीं सार्वजनिक की गई?
संपादकीय स्पष्टता: दोनों सरकारी पत्र प्रशासनिक निर्देश और सत्यापन प्रक्रिया बताते हैं। किसी विशेष firm का संबंध, हितों का टकराव या उल्लंघन तभी सिद्ध होगा जब ownership, रिश्तेदारी, work order, scheme head, PFMS mapping और payment records का दस्तावेजी मिलान हो।
संपादकीय घोषणा
हमने अपना काम किया—दस्तावेज शासन और जनता के सामने रखे
Digital Saboot News की भूमिका सरकारी पत्र, GST Portal रिकॉर्ड, RTI दस्तावेज, भुगतान संबंधी डेटा और उपलब्ध अभिलेख जुटाकर उनका तुलनात्मक परीक्षण करना तथा जनहित में पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रश्न उठाना है।
हम किसी व्यक्ति या फर्म को दोषी घोषित नहीं कर रहे। नियम बनाना, उनकी आधिकारिक व्याख्या करना, उल्लंघन तय करना और दंडात्मक कार्रवाई करना शासन, सक्षम विभाग, जांच एजेंसी तथा न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में है। Digital Saboot शासन को नियम बताने का दावा नहीं करता; हम उपलब्ध विभागीय निर्देश और रिकॉर्ड पाठकों के सामने रख रहे हैं।
अब जवाब शासन को देना है: क्या अलीगढ़ में PFMS vendors की पुनः जांच हुई, क्या G.D. Construction सहित कुल 13 फर्मों का firm-wise सत्यापन कराया जाएगा, और उपलब्ध दस्तावेजों पर सक्षम अधिकारी क्या कारणयुक्त कार्रवाई करेंगे?
अब इन सवालों का दस्तावेजी जवाब कौन देगा?
- राज्य कर विभाग: तीन GSTIN के REG-21, ARN, REG-22, suspension-removal order और status-change audit logs कहाँ हैं?
- राम शंकर, सहायक आयुक्त: 11 बिलों का 10 GSTIN से बिलवार मिलान क्या है? “Filed” किस return, किस कर-अवधि और किस filing date के लिए लिखा गया?
- DPRO अलीगढ़: Cancelled/Suspended GSTIN वाली फर्मों की पंचायतवार billing और payments का audit कब कराया?
- BDO/ADO पंचायत: GST status, invoice number/date और vendor eligibility किस अधिकारी ने जांची?
- प्रधान/पंचायत सचिव: bill, supply/work और भुगतान प्रस्ताव किस record पर सत्यापित किए?
- PFMS/बैंक record-holder: FTO, UTR, beneficiary account credit और reversal entries कहाँ हैं?
- जिला प्रशासन: digital और physical records सुरक्षित कर संयुक्त जांच की समय-सीमा क्या है?
अधिकारी से संपर्क पर क्या हुआ? Digital Saboot के संपादक के अनुसार विभागीय जवाब की कमियों पर राम शंकर, सहायक आयुक्त, राज्य कर, खण्ड–03, अलीगढ़ से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन प्रश्नों का कोई संतोषजनक और बिंदुवार उत्तर नहीं मिला। इसके बाद दोबारा संपर्क करने पर कॉल नहीं उठाया गया। प्रश्नों का लिखित उत्तर न देना और बाद के संपर्क का जवाब न मिलना विभागीय पारदर्शिता तथा संबंधित अधिकारी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है; हालांकि केवल कॉल न उठाना अपने-आप किसी अनियमितता या मिलीभगत का प्रमाण नहीं है। राम शंकर अपना दस्तावेजी उत्तर और पक्ष भेज सकते हैं, जिसे खबर में प्रमुखता से जोड़ा जाएगा।
निष्कर्ष: रिकॉर्ड खोलना ही संदेह का उत्तर है
उपलब्ध records गंभीर विसंगतियां और जवाबदेही के प्रश्न दिखाते हैं, लेकिन अपने-आप घोटाला या आपराधिक दोष सिद्ध नहीं करते। यदि registrations की बहाली, Composition billing और पंचायत भुगतान नियमसम्मत हैं तो REG-22/restoration orders, CMP-08/GSTR-4, tax challans, invoice-date status, work records और PFMS trail सार्वजनिक करने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। यदि records मेल नहीं खाते, तो केवल फर्म ही नहीं—bill स्वीकार करने, काम प्रमाणित करने, भुगतान स्वीकृत करने और supervisory audit करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी तय करनी होगी।
Digital Saboot का स्पष्ट प्रश्न: जब एक मामले में संयुक्त जांच, blacklist और FIR तक कार्रवाई हुई, तो समान अवधि में Cancelled, Suspended, Invalid या Composition status वाली दूसरी फर्मों के bills और पंचायत भुगतानों की समान मानक पर जांच कब होगी?
जवाब सबको देना होगा: संबंधित फर्में, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, ADO पंचायत, BDO, DPRO, राज्य कर विभाग और भुगतान record रखने वाली इकाइयां। Digital Saboot सभी पक्षों के प्रमाणित दस्तावेज और उत्तर प्राप्त होने पर उन्हें प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
पड़ताल जारी है: अगली खबर में क्या सामने आएगा?
Digital Saboot की जांच आगे भी जारी है। अगली रिपोर्ट में दस्तावेजों के आधार पर बताया जाएगा कि किस फर्म ने कितनी billing की और किन-किन ग्राम पंचायतों में किस अवधि के दौरान काम, bill, voucher और payment records सामने आए।

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