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बहराइच: धान रोपाई के बाद हाथ-पैर धोने गए 12 वर्षीय सुनील को मगरमच्छ ने घाघरा में खींचा, पांच घंटे बाद मिला शव

बौंडी थाना क्षेत्र के मुरौवा गांव में धान की रोपाई के बाद घाघरा नदी किनारे हाथ-पैर धोने गए कक्षा छह के छात्र सुनील सिंह पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। ग्रामीणों की कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं…

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घाघरा नदी की घटना से संबंधित उपलब्ध वीडियो; संवेदनशील दृश्य।

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के बौंडी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम हुई एक दर्दनाक घटना ने मुरौवा गांव के एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 12 वर्षीय सुनील सिंह धान की रोपाई के काम में अपने चाचा का हाथ बंटाने के बाद घाघरा (सरयू) नदी किनारे हाथ-पैर धोने गया था। इसी दौरान मगरमच्छ ने उस पर हमला कर उसे पानी में खींच लिया।

चाचा और ग्रामीणों के सामने नदी में खींचा गया बच्चा

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया है कि हमला होते ही सुनील के चाचा ने शोर मचाया। आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़े और ईंट-पत्थर फेंककर मगरमच्छ को भगाने तथा बच्चे को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। मगरमच्छ बच्चे को गहरे पानी की ओर ले गया।

इस घटना से जुड़ा लगभग 39 सेकंड का एक वीडियो डिजिटल साबूत न्यूज़ को भी उपलब्ध कराया गया है। वीडियो में नदी के भीतर दूर से मगरमच्छ और उसके पास एक आकृति जैसी दृश्य सामग्री दिखाई देती है। हालांकि वीडियो से अकेले व्यक्ति की पहचान, घटना की तारीख और स्थान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती; इसे अन्य प्रकाशित रिपोर्टों और स्थानीय स्तर पर बताई गई जानकारी के संदर्भ में देखा जा रहा है। संवेदनशीलता के कारण वीडियो के दृश्य विवेक के साथ इस्तेमाल किए जाने चाहिए।

करीब पांच घंटे चला तलाश अभियान

घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए। बांस और स्थानीय संसाधनों की मदद से तलाश शुरू की गई। रिपोर्टों के अनुसार, करीब पांच घंटे की खोजबीन के बाद देर रात सुनील का शव नदी से बरामद किया गया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

कक्षा छह का छात्र था सुनील, पहले ही खो चुका था माता-पिता

सुनील क्षेत्र के माधवपुरवा-करेहना विद्यालय में कक्षा छह का छात्र बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके माता-पिता का कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था और वह अपने भाई-बहनों के साथ रह रहा था। अब उसकी मौत ने परिवार पर एक और असहनीय आघात डाल दिया है। गांव में मातम है और घाघरा किनारे रहने वाले परिवारों में भय का माहौल है।

पुलिस की पुष्टि, चार लाख रुपये सहायता की बात

प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, बौंडी थाना प्रभारी टी.एन. मौर्य ने घटना और वायरल वीडियो की पुष्टि की है। उसी रिपोर्ट में एसडीएम प्रकाश सिंह के हवाले से पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की बात कही गई है। सहायता की स्वीकृति, भुगतान की समय-सीमा और पात्र आश्रित के संबंध में आधिकारिक दस्तावेज सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

घटना ने खड़े किए सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल

यह मौत केवल वन्यजीव हमले का आंकड़ा नहीं है। घाघरा किनारे बसे गांवों में लोग खेती, पशुपालन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नदी के पास जाते हैं। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग से यह स्पष्ट होना चाहिए कि संवेदनशील घाटों और मगरमच्छ की मौजूदगी वाले हिस्सों की पहचान कैसे की गई है, वहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग, गश्त और ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक सुरक्षित जल-स्थल की क्या व्यवस्था है।

डिजिटल साबूत न्यूज़ ने निम्न बिंदुओं पर आधिकारिक जानकारी अपेक्षित मानी है: क्या घटनास्थल का वन विभाग ने निरीक्षण किया; क्या क्षेत्र में पहले भी मगरमच्छ हमले दर्ज हुए; जोखिम वाले नदी तटों की सूची और चेतावनी व्यवस्था क्या है; तथा पीड़ित परिवार तक घोषित सहायता कब पहुंचेगी। संबंधित विभाग का पक्ष या लिखित जवाब मिलते ही उसे प्रमुखता से जोड़ा जाएगा।

ग्रामीणों के लिए सावधानी

नदी, नहर या दलदली जलक्षेत्र में मगरमच्छ की आशंका वाले स्थानों पर बच्चों को अकेले न जाने दें। झाड़ियों से ढके किनारों, कम दृश्यता वाले घाटों और सुबह-शाम के समय पानी के बिल्कुल पास जाने से बचें। मगरमच्छ दिखने पर उसके पास जाने, पत्थर मारने या पकड़ने की कोशिश न करें; सुरक्षित दूरी बनाकर तत्काल पुलिस और वन विभाग को सूचना दें।

संपादकीय नोट: मृतक नाबालिग था। इसलिए घटना से जुड़े अत्यधिक विचलित करने वाले दृश्य और शव की ग्राफिक जानकारी प्रकाशित सामग्री में सीमित रखी गई है।

Transparency Note

How This Report Was Prepared

Verification Status
Partly Verified
Source Method
उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध कराया गया 39.57 सेकंड का MP4 वीडियो। वीडियो से स्थान/पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई, इसलिए दृश्य सामग्री को संदर्भित साक्ष्य के रूप में सीमित भाषा में वर्णित किया गया है।
Right of Reply
बहराइच जिला प्रशासन और वन विभाग से घटनास्थल निरीक्षण, पूर्व हमलों का रिकॉर्ड, चेतावनी/बैरिकेडिंग, गश्त और घोषित आर्थिक सहायता की समय-सीमा पर आधिकारिक जवाब अपेक्षित है। उत्तर प्राप्त होने पर खबर अपडेट की जाएगी।
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ASHEESH CHAUHAN

Editorial Desk

The editorial and verification desk of Digital Saboot News.

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