डिजिटल सबूत न्यूज़ डेस्क। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड और मलबे की बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नवीनतम अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में नेपाली पुलिस के हवाले से नेपाल में 157 लोगों के शव मिलने की जानकारी दी गई है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सीमा के तिब्बती हिस्से में भी मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर है।
रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्र में भारी तबाही
रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल के रसुवा जिले और भोटेकोशी नदी से जुड़े सीमा क्षेत्र में पानी, कीचड़ और चट्टानों का तेज बहाव आया। घर, सड़कें, पुल और बिजली/जलविद्युत से जुड़ा बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है। कई स्थानों तक सड़क संपर्क टूटने से राहत एवं बचाव अभियान कठिन बना हुआ है।
विदेशी पर्यटक और तीर्थयात्री भी लापता
यह क्षेत्र कैलाश मानसरोवर यात्रा और हिमालयी पर्यटन से जुड़े मार्गों के करीब है। विभिन्न रिपोर्टों में भारत सहित कई देशों के नागरिकों के लापता होने की बात सामने आई है। लापता लोगों की संख्या और राष्ट्रीयता संबंधी आंकड़े लगातार बदल रहे हैं, इसलिए अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार जरूरी है।
भारत ने राहत सहायता भेजी
भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारत ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए राहत सामग्री की पहली खेप भेजी है। नेपाल में फंसे या लापता भारतीय नागरिकों को लेकर भी संबंधित एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं।
आपदा की वजह की जांच जारी
प्रारंभिक आकलनों में हिमनद क्षेत्र से बर्फ, चट्टान और मलबे के बड़े पैमाने पर खिसकने तथा उससे अचानक आई बाढ़ की संभावना बताई जा रही है। हालांकि आपदा का सटीक कारण वैज्ञानिक और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
प्रभावित इलाकों में बचाव दल जीवित लोगों की तलाश में जुटे हैं। सड़क और पुल बहने तथा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कई क्षेत्रों में पहुंच चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।
संपादकीय नोट: यह एक तेजी से बदलती आपदा की खबर है। मृतकों, लापता लोगों और विदेशी नागरिकों से संबंधित संख्या विभिन्न आधिकारिक एवं मीडिया अपडेट के साथ बदल रही है। डिजिटल सबूत न्यूज़ पुष्ट नए आंकड़े मिलने पर खबर को अपडेट करेगा।

