Skip to main content
Live News Desk Independent public-interest journalism backed by evidence
Digital Saboot NewsEvidence behind every story, accountability for every issue
Breaking
CJP के ‘संसद चलो’ मार्च पर आँसू गैस और बल प्रयोग, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों-पुलिस के बीच टकराव जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे मनीष सिसोदिया, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दिया समर्थन केन-वेतवा परियोजना के विस्थापितों का धरना समाप्त, अमित भटनागर ने लगाए 400 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप Lakhimpur Kheri: 13-year-old Amitabh’s quick response—“Don’t just look into it, please get it resolved”; DM orders inquiry वाराणसी: महिला आगंतुक को थप्पड़ मारने वाली उपनिरीक्षक कुमारी रोशनी सिंह निलंबित; विभागीय जांच शुरू मुजफ्फरनगर: छेड़छाड़ से परेशान होने का आरोप, बहू ने ससुर के गुप्तांग पर ब्लेड से किया हमला जौनपुर: छह वर्षीय छात्र को क्लासरूम में बंद कर घर चला गया स्कूल स्टाफ, डेढ़ घंटे बाद परिजनों ने निकाला सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के समर्थन में केजरीवाल की अपील—‘उठो, चलो जंतर-मंतर’ ‘माफिया को मिट्टी में मिलाने’ का वादा पूरा किया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Independent JournalismEditorial PolicyCorrection PolicyOwnershipGrievance
Breaking News

पुरी रथयात्रा में भीड़ का दबाव बना जानलेवा: एक श्रद्धालु की मौत, 100 से अधिक घायल होने की खबर

पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान पहांडी रस्म के समय भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ जैसी स्थिति बनी। प्रारंभिक रिपोर्टों में एक मौत और 100 से अधिक लोगों के घायल या अस्वस्थ होने की खबर…

Share on XShare on Facebook

पुरी (ओडिशा)। भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान पहांडी अनुष्ठान के समय भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कम से कम एक श्रद्धालु की मौत हुई है, जबकि 100 से अधिक लोग घायल, बेहोश या अस्वस्थ हुए हैं। अलग-अलग स्रोतों में प्रभावित लोगों की संख्या भिन्न बताई जा रही है, इसलिए अंतिम आधिकारिक आंकड़ों की प्रतीक्षा है।

पहांडी रस्म के दौरान अचानक बढ़ा भीड़ का दबाव

घटना उस समय हुई जब भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथों के पास पहुंचने लगे। बताया जा रहा है कि शाम करीब पांच बजे पहांडी रस्म के दौरान रथों के निकट भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। धक्का-मुक्की में कई श्रद्धालु गिर पड़े और कुछ लोगों को सांस लेने में कठिनाई हुई।

प्रारंभिक रिपोर्टों में हादसे का कारण भीड़ का अत्यधिक दबाव, आगे बढ़ने की होड़ और सफोकेशन बताया गया है। हालांकि घटना की सटीक वजह प्रशासनिक जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।

राहत और चिकित्सा सहायता

अफरा-तफरी के बाद पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग और राहत दलों ने प्रभावित श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकाला। घायलों और अस्वस्थ लोगों को पुरी जिला अस्पताल तथा अन्य चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया गया। कई श्रद्धालुओं को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन सहायता दिए जाने की सूचना है।

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल

पुरी की रथयात्रा में हर वर्ष विशाल जनसमूह उमड़ता है। ऐसे में यह हादसा भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास व्यवस्था, आपातकालीन गलियारों और मौके पर तैनात सुरक्षा बलों की तैयारी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यह जांच का विषय है कि रथों के आसपास लोगों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं और भीड़ का दबाव बढ़ने के संकेत समय रहते क्यों नहीं पहचाने जा सके।

यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि संवेदनशील समय पर कितने प्रवेश बिंदु खुले थे, मेडिकल सहायता केंद्र कितनी दूरी पर थे और आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को बाहर निकालने के लिए निर्धारित मार्गों का उपयोग प्रभावी ढंग से हुआ या नहीं।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

घटना से संबंधित मृतकों और घायलों के आंकड़े विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग बताए गए हैं। इसलिए खबर में एक मौत और 100 से अधिक प्रभावित लोगों का उल्लेख प्रारंभिक रिपोर्टों के आधार पर किया गया है। प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद आंकड़े बदल सकते हैं।

डिजिटल साबूत ओडिशा प्रशासन, पुरी जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया तथा अंतिम सत्यापित आंकड़ों का इंतजार कर रहा है। औपचारिक बयान मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।

संपादकीय नोट: यह एक विकसित होती हुई खबर है। किसी AI-जनित मंदिर चित्र का उपयोग केवल सांकेतिक Featured Image के रूप में किया जाए और उस पर स्पष्ट रूप से “AI Generated — Illustrative Image Only; वास्तविक घटना का फोटो नहीं” लिखा जाए।

Transparency Note

How This Report Was Prepared

Verification Status
Partly Verified
Source Method
प्रारंभिक ड्राफ्ट विभिन्न सार्वजनिक मीडिया रिपोर्टों और उपलब्ध घटना-विवरण पर आधारित है। रिपोर्टों में मृतकों और घायलों की संख्या भिन्न है; अंतिम आंकड़े ओडिशा सरकार, पुरी जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग या मंदिर प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के अधीन हैं। शाम करीब 5 बजे पहांडी रस्म के दौरान भीड़ का दबाव बढ़ने और सफोकेशन की सूचना भी प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है।
Right of Reply
डिजिटल साबूत ओडिशा सरकार, पुरी जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन से मृतकों-घायलों की अंतिम संख्या, घटना का आधिकारिक कारण, भीड़ प्रबंधन व्यवस्था और जांच/कार्रवाई पर औपचारिक प्रतिक्रिया आमंत्रित करता है। प्राप्त आधिकारिक जवाब को खबर में प्रमुखता से अपडेट किया जाएगा।
Share on XShare on Facebook

ASHEESH CHAUHAN

Editorial Desk

The editorial and verification desk of Digital Saboot News.

Report an ErrorFormal Grievance

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read Next

Related Stories

CJP के ‘संसद चलो’ मार्च पर आँसू गैस और बल प्रयोग, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों-पुलिस के बीच टकराव
Breaking News

CJP के ‘संसद चलो’ मार्च पर आँसू गैस और बल प्रयोग, दिल्ली में प्रदर्शनकारियों-पुलिस के बीच टकराव

शिक्षा व्यवस्था और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लेकर संसद की ओर बढ़ रहे CJP समर्थकों को रोकने के दौरान आँसू…

20 Jul 20263 min read
Breaking News

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे मनीष सिसोदिया, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दिया समर्थन

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में मनीष सिसोदिया शामिल हुए। वीडियो में वह भीड़ के…

20 Jul 20262 min read
केन-वेतवा परियोजना के विस्थापितों का धरना समाप्त, अमित भटनागर ने लगाए 400 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप
Breaking News

केन-वेतवा परियोजना के विस्थापितों का धरना समाप्त, अमित भटनागर ने लगाए 400 करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप

केन-वेतवा लिंक, रुँझ और मझगांव बांध परियोजनाओं के विस्थापितों का धरना प्रशासन ने समाप्त कराया। अमित भटनागर ने 400 करोड़ रुपये के…

19 Jul 20262 min read
DIGITAL HELP AI

AI assistance for this page

Choose a guided action. Digital Help uses published site content and never publishes or changes newsroom records automatically.

Safe AI assistance

Digital Help uses published page context and general guidance. It does not publish or change records automatically.

Safe-use guidanceDo not enter personal, financial or sensitive information in the public chat.