फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत निसाई तथा उससे जुड़े ग्राम अलीदादपुर की संरक्षित गोचर भूमि पर कथित अवैध मिट्टी खनन, प्लॉटिंग और ‘मनोज नगर’ नाम से बस्ती बसाने का मामला जिलाधिकारी को संबोधित शिकायत के माध्यम से उठाया गया है। 18 सितंबर 2026 के शिकायती पत्र में ग्राम प्रधान गीता देवी और उनके पति सत्येंद्र सिंह पर आरोप लगाते हुए स्वतंत्र जांच, कथित कब्जा हटाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई है। ये आरोप शिकायतकर्ता के हैं; संबंधित भूमि के मूल राजस्व अभिलेख, जांच रिपोर्ट तथा आरोपित पक्षों के जवाब के आधार पर इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
गाटा संख्या 38 और 388 पर खनन व कब्जे के आरोप
उपलब्ध दो पृष्ठों के शिकायती पत्र के अनुसार निसाई की गोचर भूमि के गाटा संख्या 38 तथा अलीदादपुर के गाटा संख्या 388 पर खनन की वैध अनुमति लिए बिना बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाले जाने, गहरे गड्ढे/तालाब बनाए जाने, जमीन पर अतिक्रमण और मछली पालन का आरोप है। शिकायतकर्ता का दावा है कि गोचर भूमि पर मिट्टी भरकर प्लॉटिंग की गई और ‘मनोज नगर’ के नाम से बस्ती विकसित की गई।
जांच के हवाले से लगभग 15,083 घनमीटर मिट्टी निकालने का दावा
शिकायत में 19 फरवरी 2025 को हुई बताई गई खनन विभाग की जांच का उल्लेख करते हुए दो स्थानों का माप 74 × 38 × 2.5–3 मीटर तथा 49 × 60 × 2.5 मीटर बताया गया है। पत्र में इन खुदाइयों से लगभग 15,083 घनमीटर मिट्टी निकाले जाने का दावा है। यह संख्या शिकायत में उद्धृत है; मूल मापन पत्रक और खनन अधिकारी की हस्ताक्षरित रिपोर्ट इस समाचार के साथ स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की जा सकी है।
‘मनोज नगर’ के आदेश को लेकर सवाल
शिकायतकर्ता ने तहसीलदार सदर के एक कथित आरटीआई उत्तर का भी उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार 26 जून 2025 के पत्र संख्या 123 में ‘मनोज नगर’ बसाए जाने संबंधी तहसील स्तरीय आदेश उपलब्ध न होने की बात कही गई थी। यह बात मूल आरटीआई जवाब की प्रतिलिपि का सत्यापन होने तक शिकायतकर्ता का दावा मानी जाएगी। साथ ही, शिकायत में राजस्व अभिलेखों में भूमि की स्थिति सुनिश्चित करने तथा संभावित अतिक्रमण की जांच का आग्रह किया गया है।
पुरानी शिकायतों का भी हवाला
पत्र में 10 जनवरी 2025 की जनसुनवाई शिकायत, 23 फरवरी 2025 को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत और कई आईजीआरएस संदर्भ संख्याओं का जिक्र है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार प्रार्थनापत्र देने पर भी कथित खनन, निर्माण और कब्जे के संबंध में प्रभावी निष्पादन नहीं हुआ। आरोप यह भी है कि शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाया गया। इस आखिरी आरोप की पुलिस अभिलेखों से अलग पुष्टि आवश्यक है।
पूर्व में भी विवादों में रही निसाई की ग्राम समाज भूमि
निसाई में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद का संदर्भ पहले भी समाचारों में आया है। मार्च 2026 में ग्राम प्रधान की शिकायत पर भूमि कब्जा हटवाने के नाम पर कथित रिश्वत लेने के मामले में एक दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई की खबरें प्रकाशित हुई थीं। वह एक अलग प्रकरण है और उससे वर्तमान शिकायत में बताए गए गाटा संख्या 38 व 388 के आरोप स्वयं सिद्ध नहीं होते।
स्वतंत्र जांच और कार्रवाई रिपोर्ट की मांग
जिलाधिकारी को संबोधित पत्र में राजस्व और खनन विभाग से संयुक्त स्थलीय निरीक्षण, दोनों गाटा की पैमाइश, खनन अनुमति व माप रिपोर्ट की जांच, भूमि का मूल दर्जा सुरक्षित रखने, गैरकानूनी कब्जा या निर्माण पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई तथा शिकायतकर्ता को कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पत्र के साथ खनन जांच, आरटीआई उत्तर, आईजीआरएस शिकायतों और फोटो/जीपीएस चित्रों की प्रतियां संलग्न करने का उल्लेख भी है; इस समय समाचार के लिए पत्र के दो पृष्ठ ही उपलब्ध हैं।
संबंधित पक्षों का जवाब: इस प्रकरण में लगाए गए आरोपों के संबंध में ग्राम प्रधान, उनके पति एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष अभी प्राप्त नहीं हुआ है। संबंधित पक्षों का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्षता एवं प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा। अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच और अभिलेखों पर निर्भर करेगा।


